कन्नौज एनकाउंटर में बड़ा खुलासा: ₹7 लाख का कर्ज उतारने के लिए महिला की हत्या, भरोसेमंद निकला कातिल
कन्नौज , 28 मई 2026 । उत्तर प्रदेश के कन्नौज में हुए सनसनीखेज हत्याकांड का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने ₹7 लाख का कर्ज चुकाने के लिए एक महिला की हत्या की थी। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि आरोपी घर की पूरी जानकारी रखने वाला परिचित व्यक्ति निकला। पुलिस ने आरोपी को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है।
बंद कमरे में मिला था शव, CCTV फुटेज से मिला सुराग
पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार ने बताया कि 25 मई की दोपहर छिबरामऊ के बनवारी नगर में मंजू वर्मा की हत्या कर दी गई थी। मृतका के पति राजीव वर्मा ने तहरीर में बताया कि वह बेटे सुभांशु के साथ दुकान से घर लौटे तो दरवाजा खुला मिला और अंदर कमरे में उनकी पत्नी बिस्तर पर मृत पड़ी थीं, उनकी नाक से खून निकल रहा था और चेहरे पर चोट के निशान थे। तहरीर के आधार पर थाना छिबरामऊ में अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान घर के पास गली में लगे सीसीटीवी कैमरे में एक अज्ञात व्यक्ति लाल मोटरसाइकिल लेकर पैदल जाता दिखाई दिया। इसके बाद पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू की।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी भारी कर्ज में डूबा हुआ था और पैसों की तंगी से परेशान चल रहा था। उसने महिला को आसान निशाना समझकर वारदात को अंजाम दिया। घटना के बाद आरोपी फरार हो गया था, लेकिन पुलिस लगातार उसकी तलाश में जुटी हुई थी।
बताया जा रहा है कि पुलिस को सूचना मिली थी कि आरोपी इलाके में छिपा हुआ है। जब पुलिस टीम उसे पकड़ने पहुंची तो आरोपी ने भागने की कोशिश की और पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में आरोपी घायल हो गया, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से हथियार भी बरामद किए हैं।
पूछताछ में आरोपी ने हत्या की साजिश और कर्ज से जुड़ी परेशानियों को लेकर कई अहम खुलासे किए हैं। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इस वारदात में कोई और व्यक्ति शामिल था या नहीं।
घटना के बाद स्थानीय लोगों में डर और गुस्से का माहौल है। लोगों का कहना है कि जिस व्यक्ति पर परिवार भरोसा करता था, उसी ने इस तरह की वारदात को अंजाम दिया, यह बेहद चौंकाने वाला है।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि मामले में सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है और आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर आर्थिक दबाव और बढ़ते अपराध के बीच संबंधों को लेकर चिंता बढ़ा दी है।