तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन, 13 जुलाई 2026 । रूस और ईरान के बढ़ते रणनीतिक सहयोग के बीच यह दावा सामने आया है कि रूस का अत्यधिक गोपनीय एयरबोर्न कमांड विमान ईरान पहुंचा है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा में रूस के टुपोलेव Tu-214PU विमान की तेहरान तक उड़ान दर्ज होने के बाद इसको लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। इस विमान को रूस के शीर्ष नेतृत्व के लिए सुरक्षित हवाई कमांड पोस्ट माना जाता है।
Tu-214PU सामान्य VIP प्लेन नहीं है। इसमें सुरक्षित और एन्क्रिप्टेड कम्युनिकेशन सिस्टम, कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम और स्पेशल डेटा लिंक लगे हैं। इनकी मदद से संकट की स्थिति में भी रूस का टॉप लीडर उड़ान के दौरान सेना और सरकार का संचालन कर सकते हैं।
इसी वजह से इसे रूस का ‘डूम्सडे प्लेन’ यानी कि ‘प्रलय के दिन इस्तेमाल होने वाला विमान’ भी कहा जाता है। यह विमान रोसिया स्पेशल फ्लाइट स्क्वाड्रन संचालित करता है। यही स्क्वाड्रन रूस के राष्ट्रपति और देश के शीर्ष राजनीतिक व सैन्य नेतृत्व की उड़ानों का जिम्मा संभालता है।
Tu-214PU के मिशनों का पूरा रिकॉर्ड सार्वजनिक नहीं किया जाता। हालांकि यूक्रेन जंग के दौरान यह विमान कई बार उड़ान भरता देखा गया। रूस के पास ऐसे कितने विमान हैं, इसकी भी जानकारी सार्वजनिक नहीं है।
यह प्लेन ऐसे समय तेहरान पहुंचा है, जब अमेरिका ईरान के सैन्य ठिकानों पर लगातार हमले कर रहा है और ईरान जवाबी कार्रवाई कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस विमान का तेहरान पहुंचना एक बड़ा रणनीतिक संकेत है। इससे यह संदेश जाता है कि रूस, ईरान के साथ उच्च स्तर पर संपर्क बनाए हुए है।
ईरान और अमेरिका के बीच जंग लगातार जारी है। अमेरिका ने रविवार को ईरान में 140 ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। इसके जवाब में ईरान ने सोमवार को कुवैत और बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले का दावा किया।
हालांकि, रूस या ईरान की ओर से यह आधिकारिक रूप से नहीं बताया गया है कि विमान किस उद्देश्य से तेहरान पहुंचा। इसलिए यह स्पष्ट नहीं है कि यह दौरा सैन्य समन्वय, कूटनीतिक संपर्क या किसी अन्य आधिकारिक मिशन का हिस्सा था। उपलब्ध जानकारी मुख्य रूप से फ्लाइट ट्रैकिंग और मीडिया रिपोर्टों पर आधारित है।
विशेषज्ञों का मानना है कि रूस और ईरान के बीच रक्षा सहयोग पहले से मौजूद है, लेकिन इस तरह के संवेदनशील विमान की मौजूदगी को लेकर किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले आधिकारिक पुष्टि का इंतजार करना जरूरी है।