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शुभ संकेत by Alpana Naren

कार्तिक पूर्णिमा: देव दीपावली की वह रात्रि जब चाँद भी देता है आशीर्वाद

🌿 आध्यात्मिक अर्थ इस दिन भगवान शिव ने त्रिपुरासुर का वध कर तीनों लोकों की रक्षा की थी। इसीलिए इसे त्रिपुरी पूर्णिमा भी कहा जाता है। यह दिन विजय का, प्रकाश का और नकारात्मक शक्तियों पर सकारात्मकता की जीत का प्रतीक है। इसी दिन भगवान विष्णु के…
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देव उठनी एकादशी: जब भगवान जगते हैं और आपकी किस्मत करवट लेती है

देव उठनी एकादशी, जिसे प्रबोधिनी एकादशी भी कहा जाता है, चातुर्मास के अंत की घोषणा करती है —चार महीनों की वह अवधि जब भगवान विश्राम करते हैं और दुनिया की गति थम सी जाती है।अब जब भगवान जागते हैं, तो यह दिन कहता है —✨ “उठो, संभलो और अपने जीवन की…
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भाई दूज: प्रेम, सुरक्षा और आशीर्वाद का पावन पर्व

दीपावली के उजालों के बाद आता है भाई दूज, जो भाई-बहन के अटूट स्नेह और सुरक्षा के रिश्ते का प्रतीक है। यह पर्व हर उस भावना को समर्पित है जो भाई को अपनी बहन की रक्षा करने और बहन को अपने भाई के दीर्घायु व सुखमय जीवन की कामना करने की प्रेरणा…
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गोवर्धन पूजा: प्रकृति, गाय और समृद्धि का पर्व

गोवर्धन पूजा का महत्व: यह पर्व प्रकृति, अन्न और गाय की पूजा का दिन है। हम अपने जीवन में इनका सम्मान कर, प्राकृतिक संतुलन बनाए रखते हैं। घर में नॉर्थ-ईस्ट दिशा में गोबर का दीपक जलाने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।…
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आखिर क्यों लगाते हैं भोग मिश्री का माँ को इस दिन? जानिए ज्योतिष, अंकशास्त्र और ओकल्ट साइंस की रोशनी…

1. ज्योतिषीय दृष्टिकोण से मिश्री का महत्व ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, दीपावली के दिन मिश्री का भोग करने से मंगलमय ग्रहों की कृपा मिलती है। यह घर में सुख-शांति, धन और समृद्धि लाने में सहायक माना जाता है। मिश्री के मीठे तत्व हमारे कर्मों और…
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