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शुभ संकेत by Alpana Naren

अक्षय तृतीया पर ऐसा क्या करें, जो जीवन भर कभी समाप्त न हो?

कल 19 अप्रैल 2026 को अक्षय तृतीया है। इस पावन दिन किया गया दान, सेवा, पूजा और नई शुरुआत जीवन भर निरंतर वृद्धि देती है। केवल सोने में नहीं, अच्छे कर्मों में भी निवेश करें।
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युवा और आत्मशक्ति: भीतर के हनुमान को पहचानने का समय

आज का युवा अवसरों के बीच खड़ा है, लेकिन आत्मविश्वास की कमी उसे पीछे रोक रही है। सच यह है कि शक्ति बाहर नहीं, हमारे भीतर ही छिपी होती है—बस उसे पहचानने की जरूरत है। हनुमान जी की तरह, जब हम अपनी वास्तविक क्षमता को समझ लेते हैं, तो असंभव भी…
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इस हनुमान जयंती जगाएं अपने भीतर का साहस और विश्वास

हनुमान जयंती केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि आत्मबल, साहस और सकारात्मक ऊर्जा को जागृत करने का विशेष अवसर है। इस पावन दिन दीपक प्रज्वलित कर हनुमान चालीसा का पाठ करें, हनुमान जी को सिंदूर और चमेली का तेल अर्पित करें तथा जीवों के प्रति दयाभाव…
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मोक्षदा एकादशी : जीवन का उत्तर, आत्मा का मार्ग

लेकिन क्या आप जानते हैं? कुरुक्षेत्र केवल इतिहास का मैदान नहीं…यह हमारे भीतर रोज़ होने वाला युद्ध है। जहाँ एक ओर हमारे संस्कार और सत्य खड़े हैं और दूसरी ओर लोभ, अहंकार, और भय लगातार हमला कर रहे हैं। अर्जुन केवल वह…
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अंकों का रहस्य: अपना Strength Number कैसे निकालें और यह कैसे बदलता है आपका भविष्य?

अंकों का रहस्य: आपका स्ट्रेंथ नंबर क्या कहता है आपके भविष्य के बारे में? हम सभी के जीवन में कुछ ऐसे सवाल होते हैं जो हमें अंदर तक झकझोर देते हैं—क्यों किसी इंसान में जन्मजात आत्मविश्वास होता है?क्यों कोई व्यक्ति संघर्षों के बाद भी चमक उठता…
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कार्तिक पूर्णिमा: देव दीपावली की वह रात्रि जब चाँद भी देता है आशीर्वाद

🌿 आध्यात्मिक अर्थ इस दिन भगवान शिव ने त्रिपुरासुर का वध कर तीनों लोकों की रक्षा की थी। इसीलिए इसे त्रिपुरी पूर्णिमा भी कहा जाता है। यह दिन विजय का, प्रकाश का और नकारात्मक शक्तियों पर सकारात्मकता की जीत का प्रतीक है। इसी दिन भगवान विष्णु के…
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देव उठनी एकादशी: जब भगवान जगते हैं और आपकी किस्मत करवट लेती है

देव उठनी एकादशी, जिसे प्रबोधिनी एकादशी भी कहा जाता है, चातुर्मास के अंत की घोषणा करती है —चार महीनों की वह अवधि जब भगवान विश्राम करते हैं और दुनिया की गति थम सी जाती है।अब जब भगवान जागते हैं, तो यह दिन कहता है —✨ “उठो, संभलो और अपने जीवन की…
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भाई दूज: प्रेम, सुरक्षा और आशीर्वाद का पावन पर्व

दीपावली के उजालों के बाद आता है भाई दूज, जो भाई-बहन के अटूट स्नेह और सुरक्षा के रिश्ते का प्रतीक है। यह पर्व हर उस भावना को समर्पित है जो भाई को अपनी बहन की रक्षा करने और बहन को अपने भाई के दीर्घायु व सुखमय जीवन की कामना करने की प्रेरणा…
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गोवर्धन पूजा: प्रकृति, गाय और समृद्धि का पर्व

गोवर्धन पूजा का महत्व: यह पर्व प्रकृति, अन्न और गाय की पूजा का दिन है। हम अपने जीवन में इनका सम्मान कर, प्राकृतिक संतुलन बनाए रखते हैं। घर में नॉर्थ-ईस्ट दिशा में गोबर का दीपक जलाने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।…
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आखिर क्यों लगाते हैं भोग मिश्री का माँ को इस दिन? जानिए ज्योतिष, अंकशास्त्र और ओकल्ट साइंस की रोशनी…

1. ज्योतिषीय दृष्टिकोण से मिश्री का महत्व ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, दीपावली के दिन मिश्री का भोग करने से मंगलमय ग्रहों की कृपा मिलती है। यह घर में सुख-शांति, धन और समृद्धि लाने में सहायक माना जाता है। मिश्री के मीठे तत्व हमारे कर्मों और…
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