पटियाला/चंडीगढ़, 30 अप्रैल 2026 । केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत बिट्टू ने रेलवे सुरक्षा को लेकर बड़ा ऐलान किया है। अब Indian Railways की पटरियों और संवेदनशील इलाकों पर ड्रोन के जरिए लगातार निगरानी रखी जाएगी, साथ ही बड़े पैमाने पर CCTV कैमरे भी लगाए जाएंगे। इस कदम का उद्देश्य रेल नेटवर्क को और अधिक सुरक्षित बनाना और किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत नजर रखना है।
रवनीत सिंह ने घोषणा की कि रेलवे ईडीएफसी पर 24 घंटे गश्त को और सघन करेगा तथा निगरानी व्यवस्था का व्यापक विस्तार किया जाएगा। वर्तमान में अंबाला मंडल के पंजाब क्षेत्र में 173 सीसीटीवी कैमरे पहले ही लगाए जा चुके हैं और अतिरिक्त कैमरों की स्थापना जारी है। कॉरिडोर के एकांत एवं संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जहां ड्रोन निगरानी सहित उन्नत तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, ट्रैक की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रेलवे के की-मैन द्वारा निरंतर जमीनी गश्त की जाएगी।
मंत्री के अनुसार, देशभर में रेलवे ट्रैक पर होने वाली तोड़फोड़, चोरी, और अन्य आपराधिक घटनाओं को रोकने के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल जरूरी हो गया है। ड्रोन की मदद से लंबी दूरी तक ट्रैक की निगरानी आसान होगी, खासकर उन इलाकों में जहां मानव गश्त सीमित होती है।
नई योजना के तहत प्रमुख रेलवे स्टेशनों, पुलों, सुरंगों और संवेदनशील रूट्स पर हाई-रिजॉल्यूशन CCTV कैमरे लगाए जाएंगे। ये कैमरे 24×7 निगरानी करेंगे और किसी भी असामान्य गतिविधि की जानकारी तुरंत कंट्रोल रूम तक पहुंचाएंगे।
रेल मंत्रालय का मानना है कि इस पहल से दुर्घटनाओं में कमी आएगी और यात्रियों की सुरक्षा में बड़ा सुधार होगा। इसके अलावा, आपात स्थिति में तेजी से प्रतिक्रिया देने में भी मदद मिलेगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि ड्रोन सर्विलांस से ट्रैक में आई छोटी से छोटी खराबी या बाधा का पता पहले ही चल सकेगा, जिससे समय रहते मरम्मत की जा सकेगी और बड़े हादसों को टाला जा सकेगा।
सरकार जल्द ही इस प्रोजेक्ट को चरणबद्ध तरीके से लागू करेगी, जिसकी शुरुआत हाई-रिस्क जोन और व्यस्त रूट्स से की जाएगी। आने वाले समय में यह तकनीक पूरे देश के रेलवे नेटवर्क में विस्तार की जाएगी।