नई दिल्ली, 27 जुलाई 2026 । भारतीय स्टार वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत को पहला स्वर्ण पदक दिलाया। महिलाओं की वेटलिफ्टिंग स्पर्धा में चानू ने बेहतरीन तकनीक, संतुलन और दमदार प्रदर्शन का परिचय देते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। उनकी इस ऐतिहासिक जीत के साथ भारत के गोल्ड मेडल का खाता खुल गया और पूरे भारतीय दल में उत्साह की लहर दौड़ गई।
मीराबाई चानू ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत को पहला गोल्ड मेडल दिला दिया है। उन्होंने विमेंस वेटलिफ्टिंग की 48 kg वेट कैटेगरी में कुल 190 किलो वजन उठाया। भारतीय वेटलिफ्टर ने स्नैच में 85 किलो और क्लीन एंड जर्क में 105 किलो वजन उठाया।
मीराबाई का यह लगातार तीसरा कॉमनवेल्थ गोल्ड है। उन्होंने 2018 के गोल्डकोस्ट और 2022 के बर्मिंघम गेम्स में भी गोल्ड जीता था। वे ग्लासगो गेम्स 2014 में सिल्वर भी जीत चुकी हैं।
मीराबाई चानू ने प्रतियोगिता के दौरान स्नैच और क्लीन एंड जर्क दोनों वर्गों में शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने अपने अनुभव और आत्मविश्वास का बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ियों को पीछे छोड़ दिया। यह जीत भारतीय वेटलिफ्टिंग के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है और इससे अन्य खिलाड़ियों का भी मनोबल बढ़ा है।
टोक्यो ओलंपिक की रजत पदक विजेता और कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का गौरव बढ़ा चुकीं मीराबाई चानू ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह विश्व की सर्वश्रेष्ठ वेटलिफ्टरों में शामिल हैं। उनकी लगातार सफलता भारतीय खेलों में महिला खिलाड़ियों की मजबूत उपस्थिति को भी दर्शाती है।
चानू की इस उपलब्धि पर प्रधानमंत्री, खेल मंत्री, भारतीय ओलंपिक संघ और देशभर के खेल प्रेमियों ने उन्हें बधाई दी है। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत को उम्मीद है कि अन्य खेलों में भी खिलाड़ी शानदार प्रदर्शन करते हुए पदकों की संख्या में लगातार इजाफा करेंगे।