मंत्री मोहिंदर भगत पर टूटा दुखों का पहाड़, पिता भगत चुन्नी लाल के निधन से परिवार में मातम

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जालंधर , 10 सितंबर2026 । पंजाब के कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उनके पिता और पंजाब के पूर्व कैबिनेट मंत्री भगत चुन्नी लाल का 10 सितंबर 2026 को निधन हो गया। वह 93-94 वर्ष के थे। उन्होंने जालंधर स्थित अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनके निधन की जानकारी उनके बेटे और पंजाब सरकार में कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत ने दी।

मोहिंदर भगत ने अपने पिता के निधन पर गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा कि भगत चुन्नी लाल अब उनके बीच नहीं रहे और उनका जाना परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है। पिता के निधन की खबर के बाद राजनीतिक, सामाजिक और विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों ने शोक व्यक्त करते हुए परिवार के प्रति संवेदनाएं जाहिर कीं।

भगत चुन्नी लाल लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे। द ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक वह सात साल से अधिक समय से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे और कई बार अस्पताल में भर्ती भी हुए थे। गुरुवार तड़के जालंधर के फोर्टिस अस्पताल में उनका निधन हुआ।

पंजाब की राजनीति में लंबा रहा भगत चुन्नी लाल का सफर

भगत चुन्नी लाल पंजाब की राजनीति के वरिष्ठ नेताओं में शामिल रहे। उन्होंने प्रकाश सिंह बादल के नेतृत्व वाली अकाली दल-भाजपा सरकार में 2012 से 2017 के बीच कैबिनेट मंत्री के तौर पर जिम्मेदारी संभाली। इस दौरान उनके पास स्थानीय निकाय तथा मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च जैसे महत्वपूर्ण विभाग रहे।

राजनीतिक सफर में उन्होंने जालंधर की राजनीति में भी मजबूत पहचान बनाई। वह 1997 में भाजपा के टिकट पर पहली बार विधायक चुने गए। इसके बाद 2007 और 2012 में भी विधानसभा पहुंचे। 2012 के परिसीमन के बाद उन्होंने जालंधर वेस्ट सीट से चुनाव लड़ा था। वर्ष 2011 में वह पंजाब विधानसभा के डिप्टी स्पीकर भी रहे।

विभाजन के बाद जालंधर में बस गया था परिवार

भगत चुन्नी लाल का जन्म 1 दिसंबर 1932 को सियालकोट में हुआ था, जो अब पाकिस्तान में है। भारत के विभाजन के बाद उनका परिवार जालंधर आकर बस गया। इसके बाद उन्होंने यहां अपने सामाजिक, कारोबारी और राजनीतिक जीवन की नई शुरुआत की।

राजनीति में आने से पहले भी उनका जालंधर से गहरा जुड़ाव रहा। समय के साथ उन्होंने स्थानीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई और फिर सक्रिय राजनीति में महत्वपूर्ण मुकाम हासिल किया।

आज जालंधर में होगा अंतिम संस्कार

भगत चुन्नी लाल का अंतिम संस्कार 10 सितंबर को जालंधर में किया जाएगा। रिपोर्टों के मुताबिक अंतिम संस्कार शाम करीब 5 बजे होगा। उनके निधन के सम्मान में पंजाब सरकार ने गुरुवार को आधे दिन की छुट्टी घोषित की है। सरकारी कार्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों पर भी इसका असर रहेगा।

पूर्व मंत्री के निधन की खबर से जालंधर में शोक का माहौल है। राजनीतिक दलों से जुड़े नेताओं और विभिन्न सामाजिक वर्गों के लोगों के उनके अंतिम दर्शन और श्रद्धांजलि के लिए पहुंचने की संभावना है।

मोहिंदर भगत भी राजनीति में सक्रिय

भगत चुन्नी लाल के बेटे मोहिंदर भगत वर्तमान में पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं। वह जालंधर वेस्ट विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। उन्होंने 2023 में भाजपा छोड़कर आम आदमी पार्टी का दामन थामा था और 2024 के विधानसभा उपचुनाव में जालंधर वेस्ट से जीत हासिल की।

पिता के निधन के बाद अब मोहिंदर भगत और उनका परिवार शोक में है। एक वरिष्ठ राजनीतिक परिवार के सदस्य और पूर्व मंत्री के निधन से पंजाब की राजनीति में भी शोक की लहर देखने को मिल रही है।

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