गुरुग्राम, 27 जुलाई 2026 । एक व्यक्ति द्वारा खुद को पुलिस अधीक्षक (SP) बताकर मॉल प्रबंधन पर रौब जमाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि उसने अपनी पत्नी की दुकान की बिजली चालू कराने के लिए खुद को वरिष्ठ पुलिस अधिकारी बताते हुए फोन किया। शुरुआती स्तर पर मॉल प्रबंधन ने कॉल को गंभीरता से लिया, लेकिन बाद में पहचान और रिकॉर्ड की जांच के दौरान पता चला कि कॉल करने वाला कोई पुलिस अधिकारी नहीं, बल्कि एक फर्जी व्यक्ति था।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस के अनुसार, सेक्टर-29 थाना प्रभारी (एसएचओ) को एक व्यक्ति का फोन आया। उसने अपनी पहचान हिमाचल प्रदेश पुलिस के एसपी चंदन सिंह के रूप में बताई। पुलिस ने बताया कि फोन करने वाले ने गुरुग्राम के मेगा मॉल स्थित एक शोरूम की बिजली सप्लाई तत्काल बहाल करने की मांग की। उसने खुद को वरिष्ठ पुलिस अधिकारी बताते हुए एसएचओ पर दबाव बनाने की कोशिश की और कार्रवाई प्रभावित करने के लिए पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) का भी हवाला दिया।
जांच में सामने आया कि आरोपी ने कथित तौर पर पुलिस अधिकारी होने का दावा करते हुए प्रभाव डालने की कोशिश की, ताकि उसकी पत्नी की दुकान से जुड़ा काम तुरंत कराया जा सके। संदेह होने पर संबंधित अधिकारियों ने उसकी पहचान का सत्यापन किया, जिसमें पता चला कि वह पुलिस विभाग से जुड़ा ही नहीं है। इसके बाद मामले की सूचना पुलिस को दी गई।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ सरकारी अधिकारी बनकर धोखाधड़ी, गलत पहचान प्रस्तुत करने और प्रभाव का दुरुपयोग करने जैसे आरोपों के तहत जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपी ने पहले भी इसी तरह किसी अन्य स्थान पर फर्जी पहचान का इस्तेमाल किया था या नहीं।
पुलिस ने लोगों और संस्थानों से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति द्वारा वरिष्ठ अधिकारी होने का दावा किए जाने पर उसकी पहचान का सत्यापन अवश्य करें। यदि कोई व्यक्ति फर्जी पहचान का इस्तेमाल कर सरकारी प्रभाव दिखाने की कोशिश करता है, तो इसकी तत्काल सूचना पुलिस को दें। मामले में जांच जारी है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।