कुरुक्षेत्र में गोलीकांड का अनोखा मामला: ड्राइवर के शरीर में जिंदगी भर रहेगी गोली,

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कुरुक्षेत्र , 12 जून्‌ 2026 । हरियाणा के कुरुक्षेत्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां गोली लगने के बाद घायल ड्राइवर के शरीर में फंसी गोली को डॉक्टरों ने निकालने से इनकार कर दिया है। चिकित्सकों का कहना है कि गोली शरीर के ऐसे संवेदनशील हिस्से में फंसी हुई है, जहां ऑपरेशन करने से मरीज की जान को गंभीर खतरा हो सकता है। ऐसे में मेडिकल टीम ने फिलहाल गोली को शरीर में ही रहने देने का फैसला किया है।

खेड़ी शहीदां निवासी 27 वर्षीय गुलशन उर्फ गुल्लू का पीजीआई चंडीगढ़ में उपचार चल रहा है। गुलशन ने बताया कि चिकित्सकों ने प्रारंभिक जांच के बाद ऑपरेशन की संभावना पर विचार किया था, लेकिन विस्तृत परीक्षण में सामने आया कि गोली रीढ़ की हड्डी के अत्यंत संवेदनशील हिस्से में फंसी हुई है। यदि ऑपरेशन के दौरान किसी नस को क्षति पहुंचती है तो शरीर का कोई हिस्सा काम करना बंद कर सकता है और लकवे जैसी गंभीर स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है।

जानकारी के अनुसार, ड्राइवर किसी विवाद या हमले के दौरान गोली लगने से घायल हो गया था। उसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां जांच के लिए एक्स-रे और अन्य मेडिकल परीक्षण किए गए। रिपोर्ट में पता चला कि गोली शरीर के महत्वपूर्ण हिस्से के बेहद करीब फंसी हुई है। डॉक्टरों के अनुसार, उसे निकालने के लिए की जाने वाली सर्जरी गोली से ज्यादा खतरनाक साबित हो सकती है।

मेडिकल विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार गोली शरीर के ऐसे स्थान पर स्थिर हो जाती है, जहां वह तत्काल नुकसान नहीं पहुंचा रही होती। ऐसे मामलों में यदि ऑपरेशन से नसों, रक्त वाहिकाओं या महत्वपूर्ण अंगों को खतरा हो, तो डॉक्टर गोली को निकालने के बजाय निगरानी में रखने की सलाह देते हैं। कुरुक्षेत्र के इस मामले में भी चिकित्सकों ने इसी सिद्धांत के आधार पर निर्णय लिया है।

डॉक्टरों के मुताबिक, यदि भविष्य में गोली के कारण संक्रमण, दर्द या किसी अन्य प्रकार की जटिलता उत्पन्न होती है, तो स्थिति की समीक्षा कर आगे की चिकित्सा प्रक्रिया तय की जाएगी। फिलहाल मरीज की हालत स्थिर बताई जा रही है और उसे नियमित मेडिकल निगरानी में रखा गया है।

इस घटना ने लोगों के बीच काफी चर्चा पैदा कर दी है। आमतौर पर गोली लगने के मामलों में लोग यह मानते हैं कि उसे तुरंत निकाल दिया जाता है, लेकिन चिकित्सा विज्ञान में कई ऐसे उदाहरण मौजूद हैं जहां मरीज वर्षों तक शरीर में गोली या धातु का टुकड़ा लेकर सामान्य जीवन जीते हैं। कुरुक्षेत्र का यह मामला भी अब ऐसे ही दुर्लभ मामलों में शामिल हो गया है।

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