हरियाणा , 25 जुलाई 2026 । हरियाणा में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के दौरान मतदाता सूची से जुड़े बड़े आंकड़े सामने आए हैं। प्रारंभिक प्रक्रिया में करीब 33.84 लाख मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से बाहर हो गए हैं। अब जिन लोगों के नाम सूची में नहीं हैं, उन्हें दावा और आपत्ति दर्ज कराने का मौका दिया जाएगा।
31 जुलाई के बाद पेश कर सकते है दावा-आपत्ति
इसके बाद 31 जुलाई को प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। प्रारूप सूची जारी होने के बाद 30 अगस्त तक दावे और आपत्तियां स्वीकार की जाएंगी। इनका निपटारा 28 सितंबर तक किया जाएगा और सभी दावों-आपत्तियों के समाधान के बाद 3 अक्टूबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होगी।
निर्वाचन अधिकारियों के अनुसार, मतदाता सूची को अधिक सटीक और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से SIR प्रक्रिया चलाई जा रही है। इस दौरान मृत, स्थानांतरित या लंबे समय से अनुपस्थित मतदाताओं के नामों की पहचान की जाती है। हालांकि, यदि किसी पात्र मतदाता का नाम गलती से हट गया है तो वह निर्धारित प्रक्रिया के तहत दोबारा अपना नाम जुड़वाने के लिए दावा कर सकता है।
अधिकारियों के मुताबिक, 31 जुलाई के बाद प्रभावित मतदाता दावा पेश कर सकेंगे। इसके लिए उन्हें आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन करना होगा। मतदाता अपना नाम शामिल कराने के लिए संबंधित बूथ लेवल ऑफिसर (BLO), निर्वाचन कार्यालय या निर्धारित ऑनलाइन माध्यमों का सहारा ले सकते हैं।
चुनाव आयोग की ओर से मतदाताओं से अपील की गई है कि वे अपनी जानकारी समय रहते जांच लें और किसी भी गलती की स्थिति में तुरंत दावा दर्ज कराएं। प्रशासन का कहना है कि किसी भी वास्तविक मतदाता का नाम केवल सत्यापन प्रक्रिया के बाद ही अंतिम सूची से बाहर किया जाएगा।
SIR प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक दलों की भी नजर बनी हुई है। विपक्षी दलों ने मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम हटने पर सवाल उठाए हैं, जबकि प्रशासन का कहना है कि पूरी प्रक्रिया नियमों और पारदर्शी तरीके से की जा रही है।