काशी में आधी रात चला बुल्डोजर, 200 साल पुरानी मजार और मस्जिद पर कार्रवाई; सुरक्षा के लिए भारी पुलिस बल तैनात
वाराणसी , 03 जून् 2026 । वाराणसी में प्रशासन की बड़ी कार्रवाई उस समय चर्चा का विषय बन गई जब आधी रात को भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच एक कथित अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया गया। रिपोर्टों के अनुसार, कार्रवाई के दौरान लगभग 200 वर्ष पुरानी बताई जा रही एक मजार और मस्जिद संरचना को ध्वस्त किया गया। पूरे अभियान के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस और सुरक्षा बल तैनात किए गए।
रेलवे की जमीन पर बनी थी मजार और मस्जिद
हालांकि, प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा कि यह जमीन रेलवे की पुरानी संपत्ति का हिस्सा थी और पिछले कुछ सालों में इस पर कब्जा कर लिया गया था। अधिकारियों के मुताबिक यह मामला साल 2024 में शुरू किए गए ‘काशी मॉडल रेलवे स्टेशन’ प्रोजेक्ट के तहत कराये गये जमीन के सर्वे के दौरान सामने आया। एक अधिकारी ने बताया कि जमीन के रिकॉर्ड की पैमाइश और जांच के दौरान यह मजार और मस्जिद रेलवे की जमीन पर बनी होने की बात सामने आने पर संबंधित लोगों को कब्जा हटाने का नोटिस जारी किया गया था लेकिन जमीन खाली नहीं किए जाने पर मामला अदालत में पहुंचा था।
बताया जा रहा है कि प्रशासन ने यह कार्रवाई न्यायालय और राजस्व अभिलेखों से संबंधित प्रक्रियाओं के आधार पर की। अभियान शुरू होने से पहले इलाके की घेराबंदी की गई और संवेदनशीलता को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए। अधिकारियों का कहना है कि कार्रवाई पूरी तरह कानून और निर्धारित प्रक्रिया के तहत की गई।
घटना के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस अधिकारियों और अन्य विभागों की टीमें मौके पर मौजूद रहीं। क्षेत्र में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए निगरानी बढ़ा दी गई। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की।
विशेषज्ञों का मानना है कि धार्मिक स्थलों, ऐतिहासिक संरचनाओं और भूमि विवादों से जुड़े मामलों में प्रशासनिक कार्रवाई अक्सर संवेदनशील होती है। ऐसे मामलों में सुरक्षा व्यवस्था, कानूनी प्रक्रिया और सामाजिक सौहार्द बनाए रखना प्रशासन की बड़ी जिम्मेदारी होती है।
फिलहाल इस कार्रवाई को लेकर विभिन्न स्तरों पर चर्चा जारी है। प्रशासन का कहना है कि क्षेत्र में स्थिति पूरी तरह सामान्य है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए हैं।