पटना, 21 जुलाई 2026 । बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं और भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं को लेकर सियासत तेज हो गई है। इसी बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी के एक विधायक ने पेपर लीक जैसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए गुंडा एक्ट जैसे सख्त कानून लागू करने की बात कही है। विधायक का कहना है कि परीक्षा व्यवस्था में सेंध लगाने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जरूरी है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे का सवाल ही नहीं: श्याम रजक
जंतर-मंतर पर हो रहे विरोध प्रदर्शन और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर जेडीयू विधायक श्याम रजक ने कहा कि इस्तीफे का कोई सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने कहा कि जिन मामलों में गड़बड़ियां सामने आई हैं, सरकार उनकी गंभीरता से जांच करा रही है और कई आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है। उन्होंने लोगों से जांच प्रक्रिया पर भरोसा रखने की अपील की।
विधायक ने कहा कि पेपर लीक केवल एक परीक्षा से जुड़ी समस्या नहीं है, बल्कि यह लाखों छात्रों के भविष्य और मेहनत को प्रभावित करता है। उन्होंने मांग की कि ऐसे मामलों में शामिल गिरोहों की पहचान कर उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि अपराधियों में डर पैदा हो और परीक्षा प्रणाली में विश्वास कायम रहे।
बिहार में समय-समय पर प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होने के आरोप सामने आते रहे हैं। इन घटनाओं के बाद छात्र संगठनों और अभ्यर्थियों की ओर से भी सरकार से सख्त कदम उठाने की मांग की जाती रही है। छात्रों का कहना है कि पेपर लीक की वजह से ईमानदारी से तैयारी करने वाले युवाओं को नुकसान उठाना पड़ता है।
सरकार की ओर से परीक्षा प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। इनमें निगरानी व्यवस्था मजबूत करना, डिजिटल सुरक्षा बढ़ाना और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई जैसे उपाय शामिल हैं। अब विधायक के इस बयान के बाद यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या बिहार में पेपर लीक रोकने के लिए कोई नया कड़ा कानून या प्रावधान लाया जाएगा।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि चुनावी माहौल के बीच युवाओं और रोजगार से जुड़े मुद्दे बेहद महत्वपूर्ण हैं। ऐसे में पेपर लीक रोकने के लिए सख्त कार्रवाई का मुद्दा आने वाले दिनों में राजनीतिक बहस का हिस्सा बन सकता है।