शंभू बॉर्डर पर किसानों से बातचीत, श्याम सिंह राणा ने मौके पर पहुंचकर मानी दो मांगें

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हरियाणा, 21  जुलाई 2026 । शंभू बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन के बीच सरकार की ओर से बातचीत का सिलसिला तेज हो गया है। इसी कड़ी में श्याम सिंह राणा मौके पर पहुंचे और उन्होंने प्रदर्शन कर रहे किसानों से बातचीत की। चर्चा के दौरान किसानों की कुछ मांगों पर सहमति बनी और दो प्रमुख मांगों को मानने का आश्वासन दिया गया

जानकारी हो कि भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (Trade Deal) के विरोध में किसान संगठनों ने आज राजधानी दिल्ली स्थित ‘किसान घाट’ पर विरोध प्रदर्शन और ‘दिल्ली कूच’ की घोषणा की। किसानों के इस आह्वान को देखते हुए हरियाणा-पंजाब सीमा स्थित अंबाला के शंभू टोल प्लाजा पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए। पुलिस और सुरक्षा बलों ने शंभू टोल प्लाजा पर बहुस्तरीय (multi-layer) बैरिकेडिंग कर दी है। राष्ट्रीय राजमार्ग-44 (NH-44) पर वाहनों की आवाजाही को पूरी तरह से रोक दिया गया है और यात्रियों की सुविधा के लिए कई वैकल्पिक मार्गों (Route Diversions) पर यातायात को मोड़ा गया है। चप्पे-चप्पे पर भारी संख्या में हरियाणा पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवान तैनात किए । पुलिस प्रशासन ने किसी भी संगठन या प्रदर्शनकारी दल को फिलहाल आगे (दिल्ली की तरफ) जाने की अनुमति नहीं दी।अधिकारियों का कहना है कि “यदि किसान जबरन बैरिकेड्स तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश करेंगे, तो कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए हर संभव और सख्त कदम उठाए जाएंगे।”

बैठक के दौरान किसानों ने अपनी समस्याएं और मांगें प्रशासन के सामने रखीं। किसान प्रतिनिधियों ने कृषि से जुड़े मुद्दों, सुविधाओं और आंदोलन के दौरान सामने आ रही परेशानियों को लेकर अपनी बात रखी। श्याम सिंह राणा ने किसानों की बातों को सुना और समाधान की दिशा में कदम उठाने का भरोसा दिलाया।

किसान संगठनों का कहना है कि बातचीत के माध्यम से ही समस्याओं का समाधान निकाला जा सकता है। हालांकि, किसानों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी अन्य प्रमुख मांगों पर भी ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। वहीं प्रशासन की कोशिश है कि बातचीत के जरिए गतिरोध को खत्म किया जाए और स्थिति सामान्य बनाई जा सके।

शंभू बॉर्डर पर सुरक्षा व्यवस्था भी लगातार बनाए रखी जा रही है। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी हालात पर नजर रखे हुए हैं ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके। दोनों पक्षों के बीच आगे भी बातचीत जारी रहने की संभावना है।

किसान आंदोलन के बीच श्याम सिंह राणा की यह पहल सरकार और किसानों के बीच संवाद बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। अब नजर इस बात पर है कि आने वाले समय में अन्य मांगों को लेकर क्या सहमति बनती है।

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