नई दिल्ली, 03 जून् 2026 । देश के सबसे बड़े शिक्षा बोर्ड, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) में एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल हुआ है। केंद्र सरकार ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी लोखंडे प्रशांत सीताराम को बोर्ड का नया चेयरमैन नियुक्त किया है। उनकी यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब बोर्ड मूल्यांकन प्रणाली और ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) को लेकर विवादों में घिरा हुआ है।
लोखंडे प्रशांत सीताराम एक अनुभवी प्रशासनिक अधिकारी हैं और शिक्षा, प्रशासन तथा नीति-निर्माण से जुड़े विभिन्न पदों पर कार्य कर चुके हैं। अपने लंबे प्रशासनिक अनुभव के कारण उन्हें एक कुशल और परिणामोन्मुख अधिकारी माना जाता है। शिक्षा क्षेत्र में उनकी समझ और प्रशासनिक दक्षता को देखते हुए उन्हें CBSE जैसी महत्वपूर्ण संस्था की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
CBSE देशभर के हजारों स्कूलों और लाखों छात्रों से जुड़ा हुआ है। ऐसे में बोर्ड के चेयरमैन की भूमिका केवल परीक्षाओं तक सीमित नहीं होती, बल्कि पाठ्यक्रम सुधार, मूल्यांकन प्रणाली, डिजिटल शिक्षा और नई शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन से भी जुड़ी होती है।
जहां तक वेतन का सवाल है, CBSE चेयरमैन का वेतन आमतौर पर केंद्र सरकार के वरिष्ठ सचिव स्तर के अधिकारियों के वेतनमान और सेवा नियमों के अनुसार निर्धारित होता है। सटीक राशि सेवा शर्तों और नियुक्ति के प्रकार पर निर्भर करती है, लेकिन यह पद केंद्र सरकार के उच्च प्रशासनिक पदों में शामिल माना जाता है।
शिक्षा जगत की नजर अब इस बात पर रहेगी कि नए चेयरमैन के नेतृत्व में CBSE परीक्षा प्रणाली, मूल्यांकन प्रक्रिया, डिजिटल लर्निंग और शैक्षणिक सुधारों के क्षेत्र में कौन-कौन से नए कदम उठाता है। उनकी नियुक्ति को देश की स्कूली शिक्षा व्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।