पटना, 17 जुलाई 2026 । बिहार की राजनीति एक बार फिर नए समीकरणों और रणनीतिक गतिविधियों के कारण चर्चा में है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के सक्रिय राजनीतिक कार्यक्रमों को विपक्ष ‘मिशन बिहार’ के तौर पर देख रहा है। दूसरी ओर, राज्य की सत्ताधारी एनडीए सरकार के प्रमुख नेताओं में शामिल सम्राट चौधरी लगातार राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और उसके नेतृत्व पर राजनीतिक हमले तेज कर रहे हैं। इन घटनाक्रमों ने राज्य की राजनीति को नई दिशा दे दी है।
अविश्वास प्रस्ताव और राजद
याद कीजिए जब एनडीए (एनडीए) द्वारा अविश्वास प्रस्ताव 12 फरवरी 2024 को लाया गया था। और इस अविश्वास प्रस्ताव में राजद का एमवाई समीकरण टूटा था। तब राजद का दामन छोड़े तो कई विधायक जिनमें चेतन आनंद,नीलम देवी के साथ साथ यादव के चर्चित विधायक प्रहलाद यादव ने भी राजद का साथ छोड़ा। और फिर याद कीजिए राज्यसभा के पांच सीटों पर हुए चुनाव के दौरान एमवाई समीकरण में टूट तब दिखा जब मुस्लिम विधायक फैसल रहमान ने अनुपस्थित रह कर बीजेपी के राज्यसभा उम्मीदवार को जीत हासिल कराने के कारण बने। इसके पहले भी संगीता कुमारी, भरत बिंद ने भी राजद से नाता तोड़ लिया था।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, भाजपा बिहार में अपने संगठन को और मजबूत करने, कार्यकर्ताओं के बीच सक्रियता बढ़ाने तथा आगामी चुनावी चुनौतियों की तैयारी में जुटी हुई है। अमित शाह के दौरे, बैठकों और संगठनात्मक कार्यक्रमों को इसी व्यापक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। वहीं, सम्राट चौधरी भी विभिन्न मुद्दों पर विपक्ष को घेरते हुए सरकार की उपलब्धियों को जनता के बीच रखने का प्रयास कर रहे हैं।
उधर, राष्ट्रीय जनता दल के भीतर नेतृत्व, संगठन और राजनीतिक रणनीति को लेकर समय-समय पर सामने आने वाली असहमति और नाराजगी की चर्चाओं ने भी राजनीतिक बहस को हवा दी है। हालांकि, पार्टी नेतृत्व सार्वजनिक रूप से एकजुटता का दावा करता रहा है। विपक्षी दल इन चर्चाओं को राजनीतिक मुद्दा बना रहे हैं, जबकि आरजेडी का कहना है कि पार्टी पूरी तरह संगठित है और चुनावी मुकाबले के लिए तैयार है।
बिहार में बदलते राजनीतिक समीकरणों के बीच सभी दल अपने-अपने संगठन को मजबूत करने और जनाधार बढ़ाने की कोशिश में लगे हैं। आने वाले महीनों में राजनीतिक गतिविधियों के तेज होने और चुनावी रणनीतियों के और स्पष्ट होने की संभावना है। ऐसे में राज्य की राजनीति पर राष्ट्रीय नेताओं की सक्रियता और स्थानीय नेतृत्व की भूमिका दोनों पर नजर बनी रहेगी।