नई दिल्ली, 17 जुलाई 2026 । आज करोड़ों दिलों पर राज करने वाली अभिनेत्री रश्मिका मंदाना का फिल्मी सफर आसान नहीं रहा। एक इंटरव्यू में उन्होंने खुलासा किया कि करियर की शुरुआत में उन्हें 20 से 25 ऑडिशन में रिजेक्ट होना पड़ा था। लगातार असफलताओं के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और अपने अभिनय कौशल को लगातार बेहतर बनाने पर काम किया।
उन्होंने करीब 20-25 ऑडिशन दिए, जिनमें ज्यादातर में यह कहकर रिजेक्ट कर दिया गया कि उनका चेहरा एक्ट्रेस जैसा नहीं है।
वह घर लौटकर रोती थीं। एक फिल्म के लिए 2-3 महीने ट्रेनिंग लेने के बाद वह फिल्म भी बंद हो गई। हालांकि उन्होंने हार नहीं मानी और पहली ही कन्नड फिल्म ‘किरिक पार्टी’ से स्टार बन गईं।
कर्नाटक के वीराजपेट में हुआ जन्म
रश्मिका मंदाना का जन्म 5 अप्रैल 1996 को कर्नाटक के कोडागु (कूर्ग) जिले के वीराजपेट में हुआ। वह कोडवा परिवार से ताल्लुक रखती हैं। खूबसूरत पहाड़ियों और कॉफी बागानों के लिए मशहूर कूर्ग में उनका बचपन बीता। उनके पिता मदन मंदाना स्थानीय कारोबारी हैं, जिनका कॉफी एस्टेट और एक फंक्शन हॉल है।
उनकी मां सुमन मंदाना गृहिणी हैं और रश्मिका के करियर में हमेशा उनका सहारा रही हैं। उनकी छोटी बहन शिमन मंदाना भी हैं, जिनसे उनका गहरा लगाव है।
रश्मिका ने बताया कि शुरुआती दौर में हर रिजेक्शन उनके लिए सीख लेकर आया। उन्होंने ऑडिशन की तैयारी, संवाद अदायगी और स्क्रीन प्रेजेंस पर लगातार मेहनत की। इसी संघर्ष ने उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा दी और आखिरकार उन्हें कन्नड़ फिल्म ‘किरिक पार्टी’ से बड़ा ब्रेक मिला। फिल्म की सफलता ने उन्हें दक्षिण भारतीय सिनेमा की उभरती हुई स्टार बना दिया।
इसके बाद रश्मिका ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। उन्होंने ‘गीता गोविंदम’, ‘डियर कॉमरेड’, ‘पुष्पा’, ‘एनिमल’ और अन्य कई सफल फिल्मों के जरिए खुद को पैन इंडिया अभिनेत्री के रूप में स्थापित किया। आज वह भारतीय फिल्म उद्योग की सबसे लोकप्रिय और व्यस्त अभिनेत्रियों में शामिल हैं।
रश्मिका की कहानी इस बात का उदाहरण है कि लगातार मिलने वाली असफलताएं सफलता की राह में रुकावट नहीं, बल्कि सीख बन सकती हैं। उनका मानना है कि यदि व्यक्ति अपने लक्ष्य पर विश्वास बनाए रखे और मेहनत करता रहे, तो एक दिन सफलता जरूर मिलती है।