नई दिल्ली, 17 जुलाई 2026 । देश में भविष्य में प्लास्टिक (पॉलीमर) करेंसी नोटों का रास्ता साफ होता नजर आ रहा है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की पूर्ण स्वामित्व वाली कंपनी भारतीय रिजर्व बैंक नोट मुद्रण प्राइवेट लिमिटेड (BRBNMPL) ने सुरक्षा विशेषताओं वाले पॉलीमर सब्सट्रेट के निर्माण और आपूर्ति के लिए वैश्विक एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EOI) जारी किया है। इसे भारत में पॉलीमर नोटों की दिशा में एक महत्वपूर्ण तैयारी माना जा रहा है।
₹10 और ₹20 के नोटों से शुरू होगा ट्रायल
रिजर्व बैंक शुरुआती फेज में सबसे पहले छोटी वैल्यू के नोटों पर इसकी टेस्टिंग करेगा। आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पहला पायलट प्रोजेक्ट ₹10 और ₹20 वैल्यू के छोटे नोटों के साथ शुरू होने की उम्मीद है।
इस ट्रायल के नतीजों और अनुभवों के आधार पर ही RBI आगे का फैसला लेगा। अगर यह टेस्टिंग पूरी तरह सफल रही, तो आरबीआई साल 2027 से देश में इन पॉलीमर नोटों का फुल-स्केल लॉन्च शुरू कर सकता है।
हालांकि, अभी यह कहना सही नहीं होगा कि प्लास्टिक नोट तुरंत प्रचलन में आ जाएंगे। RBI पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि पॉलीमर नोटों का प्रस्ताव अभी विचाराधीन है और इस पर अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। मौजूदा कागजी नोट पूरी तरह वैध हैं और उन्हें वापस लेने का कोई आदेश जारी नहीं किया गया है।
पॉलीमर नोट सामान्य कागजी नोटों की तुलना में अधिक टिकाऊ, पानी और गंदगी से अपेक्षाकृत सुरक्षित तथा नकली नोटों के खिलाफ बेहतर सुरक्षा सुविधाओं वाले माने जाते हैं। इनकी आयु भी पारंपरिक नोटों की तुलना में अधिक होती है, जिससे लंबे समय में नोटों की छपाई और प्रतिस्थापन की लागत कम हो सकती है।
यदि RBI अंतिम मंजूरी देता है, तो भारत उन देशों की सूची में शामिल हो सकता है जहां पॉलीमर करेंसी पहले से सफलतापूर्वक उपयोग में है। फिलहाल प्रक्रिया शुरुआती चरण में है और टेंडर जारी होना केवल तैयारी का हिस्सा है, न कि तत्काल नोट बदलने की घोषणा।