बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई: 68 पंचायत सचिव एक साथ निलंबित, विभाग में हड़कंप

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अररिया , 26 मई 2026 । बिहार के अररिया जिले में सरकारी कार्यों में लापरवाही और अनियमितताओं के आरोपों के बीच जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 68 पंचायत सचिवों को एक साथ निलंबित कर दिया। इस फैसले के बाद पंचायत विभाग और प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है। बताया जा रहा है कि लंबे समय से विकास कार्यों में गड़बड़ी, रिकॉर्ड में अनियमितता और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही की शिकायतें मिल रही थीं।

जिला जनसंपर्क पदाधिकारी शंभू रजक ने बताया कि पंचायत सचिवों की अनुपस्थिति के कारण जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र निर्गत करने, वंशावली तैयार करने, सामाजिक सुरक्षा पेंशन सत्यापन, षष्ठम राज्य वित्त आयोग एवं 15वीं केंद्रीय वित्त आयोग योजनाओं के क्रियान्वयन, मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना सहित पंचायतों के दैनिक कार्यों पर प्रतिकूल असर पड़ा। इसके अलावा भारत की जनगणना-2027 का कार्य भी प्रभावित हो रहा था, जिससे आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।

सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान कई पंचायत सचिवों पर सरकारी दिशा-निर्देशों का पालन न करने, योजनाओं में पारदर्शिता की कमी और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप सामने आए। इसके बाद जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए सामूहिक निलंबन की कार्रवाई की।

अधिकारियों का कहना है that पंचायत स्तर पर विकास योजनाओं के सही क्रियान्वयन को लेकर सरकार गंभीर है और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन ने संबंधित मामलों की विस्तृत जांच शुरू कर दी है और जरूरत पड़ने पर आगे भी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

इस कार्रवाई के बाद अन्य पंचायत कर्मचारियों और अधिकारियों में भी सतर्कता बढ़ गई है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में कई और जिलों में रिकॉर्ड और योजनाओं की समीक्षा की जा सकती है। ग्रामीण विकास योजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन लगातार निगरानी बढ़ा रहा है।

स्थानीय स्तर पर इस फैसले को लेकर मिश्रित प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोगों ने इसे भ्रष्टाचार और लापरवाही के खिलाफ जरूरी कदम बताया, जबकि कुछ कर्मचारियों ने कार्रवाई को कठोर करार दिया है।

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