योगी आदित्यनाथ कैबिनेट का बड़ा फैसला—22 प्रस्ताव पास, 1.42 लाख शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को राहत

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लखनऊ,  07 अप्रैल 2026 । उत्तर प्रदेश सरकार की कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में 22 अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इन फैसलों का सीधा लाभ लगभग 1.42 लाख शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को मिलने वाला है, जिससे शिक्षा क्षेत्र में कार्यरत हजारों कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलेगी।

पीपीपी मॉडल पर रोडवेज बस स्टेशनों के सेकेंड फेज विकास की बोली को मंजूरी दी गई है। इसके साथ ही हाथरस के सिकंद्राराऊ में बस स्टेशन निर्माण के लिए भूमि नि:शुल्क हस्तांतरण, बुलंदशहर के नरौरा और बलरामपुर के तुलसीपुर में बस स्टेशन/डिपो हेतु भूमि उपलब्ध कराने के प्रस्ताव भी एजेंडे में शामिल हैं। औद्योगिक विकास को गति देने के लिए औद्योगिक निवेश नीति 2022 के तहत निवेशकों को सब्सिडी देने के प्रस्ताव पर भी मुहर लगी है। युवाओं के डिजिटल सशक्तिकरण को आगे बढ़ाते हुए स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना के तहत वर्ष 2026-27 में 40 लाख छात्रों को टैबलेट वितरित करने का प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।

सरकार के इस निर्णय के तहत शिक्षामित्रों और अनुदेशकों की सेवा शर्तों, मानदेय और अन्य सुविधाओं में सुधार की दिशा में कदम उठाए गए हैं। लंबे समय से ये कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर सरकार के समक्ष आवाज उठा रहे थे, ऐसे में यह फैसला उनके लिए राहत भरा माना जा रहा है।

कैबिनेट के फैसलों में शिक्षा क्षेत्र के अलावा अन्य विभागों से जुड़े भी कई प्रस्ताव शामिल हैं, जिनका उद्देश्य प्रशासनिक कार्यप्रणाली को बेहतर बनाना और विभिन्न योजनाओं को गति देना है। हालांकि, सबसे ज्यादा चर्चा शिक्षामित्रों और अनुदेशकों से जुड़े फैसलों को लेकर हो रही है।

सरकार का कहना है कि इन निर्णयों से शिक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलेगी और स्कूलों में कार्यरत स्टाफ का मनोबल बढ़ेगा। इससे छात्रों को भी बेहतर शिक्षा वातावरण मिलने की उम्मीद है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के फैसले न केवल कर्मचारियों के हित में होते हैं, बल्कि इससे सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में भी तेजी आती है।

इस निर्णय के बाद शिक्षामित्रों और अनुदेशकों में खुशी का माहौल है और वे इसे लंबे समय बाद मिली बड़ी राहत के रूप में देख रहे हैं।

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