लखनऊ अग्निकांड के बाद LDA की बड़ी कार्रवाई, अवैध चार मंजिला इमारत पर चला बुलडोजर, 700 मीटर क्षेत्र सील

0

लखनऊ , 25  जुलाई 2026 । लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड के बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए उस अवैध चार मंजिला इमारत को ध्वस्त करना शुरू कर दिया, जिसे हादसे का प्रमुख कारण माना जा रहा है। इस दर्दनाक घटना में 15 लोगों की जान चली गई थी, जिसके बाद लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने निर्माण नियमों के उल्लंघन पर तत्काल कार्रवाई की। बुलडोजर कार्रवाई के साथ ही सुरक्षा कारणों से घटनास्थल के आसपास लगभग 700 मीटर क्षेत्र को सील कर दिया गया, ताकि जांच और ध्वस्तीकरण का कार्य बिना किसी बाधा के पूरा किया जा सके।

शनिवार सुबह करीब साढ़े 7 बजे LDA के 45 अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम 3 बुलडोजर व एक हाइड्रोलिक मशीन के साथ मौके पर पहुंची और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई तेजी के साथ शुरू की। बुलडोजर की कार्रवाई के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम करते हुए आसपास के 700 मीटर रास्ते को बैरिकेडिंग लगाकर पूरी तरह सील कर दिया गया।

प्रारंभिक जांच में सामने आया कि इमारत का निर्माण निर्धारित मानकों के विपरीत किया गया था और अग्नि सुरक्षा से जुड़े आवश्यक प्रावधानों का भी पालन नहीं किया गया था। संकरी निकासी व्यवस्था, आपातकालीन सुरक्षा उपायों की कमी और अवैध निर्माण को हादसे की गंभीरता बढ़ाने वाले प्रमुख कारणों में शामिल माना जा रहा है। घटना के बाद प्रशासन ने आसपास की इमारतों का भी सर्वे शुरू कर दिया है, ताकि ऐसे अन्य अवैध निर्माणों की पहचान कर समय रहते कार्रवाई की जा सके।

LDA अधिकारियों के अनुसार, संबंधित भवन के निर्माण से जुड़े सभी दस्तावेजों की जांच की जा रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि निर्माण की अनुमति किस आधार पर दी गई थी और नियमों के उल्लंघन के बावजूद कार्रवाई क्यों नहीं हुई। यदि किसी अधिकारी या अन्य व्यक्ति की लापरवाही अथवा मिलीभगत सामने आती है, तो उसके खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शहर में अवैध निर्माण और अग्नि सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। साथ ही नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे किसी भी भवन में रहने या व्यावसायिक गतिविधि शुरू करने से पहले उसकी वैधता और अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी अवश्य सुनिश्चित करें।

Leave A Reply

Your email address will not be published.