नई दिल्ली, 29 अगस्त 2026 । रियल एस्टेट से जुड़े बिल्डर और मकान मालिकों के बीच होने वाले करार को लेकर सरकार रजिस्ट्रेशन एक्ट में अहम संशोधन की तैयारी कर रही है। प्रस्तावित बदलाव के तहत बिल्डर और जमीन या मकान मालिक के बीच होने वाले समझौते को रजिस्टर्ड कराना अनिवार्य किया जा सकता है। इसके लिए करार की राशि या संबंधित संपत्ति के मूल्य के आधार पर एक फीसदी रजिस्ट्रेशन फीस लगाए जाने का प्रावधान भी प्रस्तावित है।
प्रस्तावित व्यवस्था के तहत बिल्डर और संपत्ति मालिक के बीच हुए करार को सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में रजिस्टर्ड कराना होगा। इसके लिए एक फीसदी शुल्क लिया जा सकता है। सरकार का मानना है कि इससे संपत्ति के बंटवारे और मालिकाना हक को लेकर होने वाले विवादों पर अंकुश लगेगा। अधिकारियों ने बताया कि रजिस्ट्रेशन एक्ट में प्रस्तावित बदलाव बदलाव के बाद ऐसे करार को केवल स्टांप पेपर पर करना पर्याप्त नहीं होगा, उसे रजिस्टर्ड कराना होगा।