पटना, 29 अगस्त 2026 । बिहार के सरकारी अस्पतालों में डस्टबिन की खरीद को लेकर सामने आई कथित गड़बड़ी के मामले ने स्वास्थ्य विभाग में हलचल बढ़ा दी है। मामले को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने जांच के आदेश दिए हैं। अब संबंधित अस्पतालों में डस्टबिन की खरीद से जुड़े रिकॉर्ड, टेंडर प्रक्रिया, भुगतान और सामान की वास्तविक आपूर्ति की जांच की जाएगी।
स्वास्थ्य मंत्री का जांच का कड़ा निर्देश
अस्पतालों के लिए की गई खरीदारी में कथित वित्तीय अनियमितताओं के सामने आते ही स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया है। स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि खरीद प्रक्रिया के हर पहलू की गहनता से पड़ताल की जाए। स्वास्थ्य विभाग के सचिव कुमार रवि ने बताया कि प्राप्त शिकायतों और संलग्न प्रमाणों के आधार पर जांच समिति का गठन कर दिया गया है।’
विशेष सचिव करेंगे भ्रष्टाचार के आरोपों की पड़ताल
- स्वास्थ्य विभाग के विशेष सचिव एमएस त्यागराजन को जांच की कमान सौंपी गई है।
- समिति बीएमएसआईसीएल द्वारा की गई डस्टबिन, दवाइयों और उपकरण खरीद के कागजातों की जांच करेगी।
- जांच टीम को सभी आरोपों की बारीकी से पड़ताल कर जल्द से जल्द रिपोर्ट सौंपने का निर्देश मिला है।
- अनियमितता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और एजेंसियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जांच के दौरान यह देखा जाएगा कि खरीद में निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं का पालन किया गया या नहीं। इसके अलावा डस्टबिन की संख्या, कीमत, गुणवत्ता और संबंधित आपूर्तिकर्ताओं से जुड़े दस्तावेजों का भी सत्यापन किया जा सकता है। यदि जांच में वित्तीय अनियमितता या नियमों की अनदेखी सामने आती है, तो जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की संभावना है।
सरकारी अस्पतालों में मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों के लिए जरूरी सुविधाओं की खरीद में पारदर्शिता बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में जांच रिपोर्ट से यह स्पष्ट होगा कि डस्टबिन खरीद में वास्तव में किस स्तर पर गड़बड़ी हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। स्वास्थ्य मंत्री के आदेश के बाद अब विभागीय जांच की रिपोर्ट पर सभी की नजर रहेगी।