पटना, 27 जुलाई 2026 । बिहार के बांकीपुर उपचुनाव से पहले राष्ट्रीय जनता दल (RJD) को एक और बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। पार्टी के पूर्व सांसद अर्जुन राय ने RJD छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया। चुनावी माहौल के बीच हुए इस राजनीतिक घटनाक्रम ने राज्य की राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। माना जा रहा है कि इस फैसले का असर चुनावी रणनीति और स्थानीय राजनीतिक समीकरणों पर पड़ सकता है।
संजय सरावगी ने अर्जुन राय को दिलाई बीजेपी की सदस्यता
आरजेडी नेता और पूर्व सांसद अर्जुन राय आज सोमवार को बीजेपी में शामिल हो गए। बीजेपी के बिहार प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने अर्जुन राय को पार्टी की सदस्यता दिलाई। बीजेपी में शामिल होने के बाद अर्जुन राय ने कहा कि बिहार के विकास के लिए डबल इंजन का सरकार जरूरी है। उन्होंने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में चल रहे विकास के कामों से प्रभावित होकर उन्होंने बीजेपी में शामिल होने का फैसला किया।
जन सुराज के नेता यदुवंश गिरी के बेटे बीजेपी में शामिल
इनके अलावा बीजेपी ने प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज में भी आज सेंध लगाई है। आज जाने माने वकील और जन सुराज के नेता यदुवंश गिरी (वाई बी गिरी) के बेटे आशीष गिरी भी बीजेपी में शामिल हुए हैं।
BJP में शामिल होने के दौरान अर्जुन राय ने पार्टी नेतृत्व पर भरोसा जताते हुए कहा कि उन्होंने विकास और जनहित की राजनीति को ध्यान में रखकर यह फैसला लिया है। वहीं, भाजपा नेताओं ने उनके पार्टी में शामिल होने का स्वागत करते हुए इसे संगठन की मजबूती की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। दूसरी ओर, RJD ने इस घटनाक्रम को अधिक महत्व नहीं देते हुए कहा कि पार्टी का जनाधार मजबूत है और चुनावी नतीजों पर इसका कोई विशेष प्रभाव नहीं पड़ेगा।
बांकीपुर उपचुनाव को लेकर पहले से ही राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। सभी प्रमुख दल मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए लगातार जनसभाएं, रोड शो और संगठनात्मक बैठकों का आयोजन कर रहे हैं। ऐसे समय में एक पूर्व सांसद का दल बदलना चुनावी मुकाबले को और अधिक रोचक बना सकता है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनाव से ठीक पहले नेताओं के दल बदलने की घटनाएं कार्यकर्ताओं के मनोबल और चुनावी रणनीति को प्रभावित कर सकती हैं। हालांकि, किसी भी दल को वास्तविक फायदा या नुकसान मतदान के दिन मतदाताओं के फैसले से ही तय होगा। आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति में ऐसे और घटनाक्रम देखने को मिल सकते हैं।