नई दिल्ली, 11 सितंबर 2026। सोने-चांदी के बाजार में शुक्रवार को बड़ी हलचल देखने को मिली। चांदी की कीमत में तेज गिरावट दर्ज की गई और भाव करीब 2.30 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गया। आपके दिए आंकड़े के मुताबिक चांदी आज 3,742 रुपये टूटकर 2.30 लाख रुपये प्रति किलो पर पहुंची है। वहीं, बाजार रिपोर्टों में भी चांदी के भाव में 3 हजार रुपये से अधिक की गिरावट दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।
एमसीएक्स पर भी चांदी के कारोबार में उतार-चढ़ाव बना रहा। शुरुआती कारोबार में कीमत करीब 2.30 लाख रुपये प्रति किलोग्राम तक फिसली, हालांकि बाद में इसमें रिकवरी भी देखने को मिली। एक रिपोर्ट के अनुसार चांदी 2,30,270 रुपये के निचले स्तर से बढ़कर 2,34,563 रुपये तक पहुंची।
अचानक क्यों बदला चांदी का रुख?
कीमती धातुओं के बाजार में अंतरराष्ट्रीय संकेतों का सीधा असर देखने को मिलता है। वैश्विक बाजार में सोने की कीमतों में गिरावट और आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच निवेशकों की गतिविधियों में बदलाव का असर चांदी पर भी पड़ा। चांदी औद्योगिक मांग के साथ-साथ निवेश के लिहाज से भी महत्वपूर्ण धातु है, इसलिए वैश्विक बाजार की हलचल का असर इसके भाव में तेजी से दिखाई दे सकता है।
हालांकि, शुक्रवार के कारोबार में शुरुआती कमजोरी के बाद चांदी ने कुछ हद तक वापसी भी की। इससे संकेत मिलता है कि बाजार में फिलहाल कीमतों को लेकर काफी उतार-चढ़ाव बना हुआ है।
घरेलू बाजार में भी कीमतों में हलचल
चांदी के रिटेल और वायदा भाव में अंतर हो सकता है। अलग-अलग शहरों में स्थानीय टैक्स, मेकिंग चार्ज, सप्लाई और ज्वेलर्स के मार्जिन के कारण कीमत अलग-अलग दिखाई दे सकती है। इसलिए 2.30 लाख रुपये प्रति किलो का भाव मुख्य रूप से बाजार के संदर्भ में देखा जाना चाहिए।
आज के कारोबार में चांदी ने एक तरफ तेज गिरावट दिखाई तो दूसरी ओर निचले स्तरों से खरीदारी भी देखने को मिली। बाजार रिपोर्ट में एमसीएक्स सिल्वर के 2,30,913 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर कारोबार करने की जानकारी दी गई है।
निवेशकों की नजर अब आगे के भाव पर
चांदी में हाल के दिनों में लगातार तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। ऐसे में निवेशकों की नजर अब अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की चाल, ब्याज दरों से जुड़े संकेत और औद्योगिक मांग पर रहेगी। इन कारकों में बदलाव आने पर चांदी के भाव में फिर तेजी या गिरावट देखने को मिल सकती है।
फिलहाल चांदी के भाव में आई गिरावट ने खरीदारों और निवेशकों दोनों का ध्यान खींचा है। आने वाले कारोबारी सत्रों में यह देखना अहम होगा कि कीमत निचले स्तर पर टिकती है या बाजार में खरीदारी लौटने के बाद फिर ऊपर जाती है।