प्रदर्शन में माहौल बिगाड़ने की साजिश नाकाम, छात्र बनकर पहुंचे 400 संदिग्ध हिरासत में

0

नई दिल्ली, 25  जुलाई 2026 । कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा एजेंसियों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रदर्शन स्थल के आसपास से लगभग 400 संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि इनमें से कई लोग छात्र बनकर प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे थे। पुलिस और खुफिया एजेंसियों को आशंका थी कि कुछ असामाजिक तत्व भीड़ का फायदा उठाकर प्रदर्शन को हिंसक रूप देने, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश कर सकते हैं।

स्टूडेंट बनकर घुसे संदिग्ध

डीसीपी डॉ. हेमंत तिवारी के अनुसार पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ लोग स्टूडेंट बनकर जंतर-मंतर पहुंचकर कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की तैयारी में हैं। इनपुट के आधार पर बदरपुर, सनलाइट कॉलोनी, निजामुद्दीन, लाजपत नगर समेत कई थाना क्षेत्रों में विशेष पिकेट लगाकर गाड़ियों और संदिग्ध लोगों की सघन जांच शुरू की गई। तलाशी लेने पर दो लोगों के बैग से एक पिस्टल और चाकू बरामद हुए। दोनों को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि वे हथियार लेकर जंतर-मंतर क्यों जा रहे थे और उनके पीछे कोई संगठित नेटवर्क तो नहीं है।

सुरक्षा एजेंसियों ने प्रदर्शन शुरू होने से पहले ही कई स्थानों पर सघन जांच अभियान चलाया। पहचान पत्रों की जांच, संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी और खुफिया इनपुट के आधार पर कार्रवाई की गई। हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वे किस उद्देश्य से प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे थे और क्या उनके पीछे कोई संगठित नेटवर्क या साजिश काम कर रही थी।

प्रशासन का कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन प्रत्येक नागरिक का लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन किसी भी प्रकार की हिंसा, तोड़फोड़ या सार्वजनिक व्यवस्था को प्रभावित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसी कारण अतिरिक्त पुलिस बल, रैपिड एक्शन फोर्स और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को भी संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात किया गया। अधिकारियों के अनुसार स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए लगातार निगरानी रखी जा रही है।

पुलिस अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि जांच पूरी होने के बाद जिन लोगों की भूमिका संदिग्ध नहीं पाएगी, उन्हें नियमानुसार छोड़ दिया जाएगा। वहीं यदि किसी व्यक्ति की संलिप्तता हिंसा भड़काने, अफवाह फैलाने या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की साजिश में सामने आती है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

Leave A Reply

Your email address will not be published.