गुड़गांव, 22 जुलाई 2026 । पर्यावरण कार्यकर्ता और इंजीनियर सोनम वांगचुक को दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के बाद सफदरजंग अस्पताल से गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया। उनकी स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए यह कदम उठाया गया।
जानकारी के अनुसार उन्हें शाम करीब 7:25 बजे मेदांता में एडमिट किया गया। इससे पहले सफदरजंग अस्पताल ने वांगचुक को शाम 6:40 बजे डिस्चार्ज कर मेदांता के डाक्टर्स टीम को आगे के इलाज के लिए सौंप दिया था।
सफदरजंग अस्पताल में भर्ती थे सोनम वांगचुक
सफदरजंग अस्पताल के अनुसार डिस्चार्ज के समय सोनम वांगचुक के वाइटल पैरामीटर स्थिर थे लेकिन पैंसाइटोपेनिया की स्थिति बनी हुई थी और उनके रक्त में पोटेशियम का स्तर 3.4 mEq/L दर्ज किया गया था। अस्पताल ने उनके सभी मेडिकल रिकॉर्ड, जांच रिपोर्ट और उपचार संबंधी दस्तावेज मेदांता की मेडिकल टीम को सौंप दिए हैं ।
सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान दिल्ली हाईकोर्ट ने उनकी चिकित्सीय देखभाल सुनिश्चित करने पर जोर दिया। इसके बाद उन्हें सफदरजंग अस्पताल से एंबुलेंस के जरिए मेदांता अस्पताल ले जाया गया, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज शुरू किया गया है।
याचिकाकर्ता की ओर से अदालत को बताया गया था कि वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए उन्हें उन्नत चिकित्सा सुविधाओं की आवश्यकता है। इस पर अदालत ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक व्यवस्था करने के निर्देश दिए। अदालत ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि मरीज को समय पर उचित इलाज मिले और चिकित्सा संबंधी सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
सोनम वांगचुक पिछले कुछ समय से विभिन्न सार्वजनिक मुद्दों को लेकर चर्चा में रहे हैं। उनके स्वास्थ्य को लेकर समर्थकों और सामाजिक संगठनों की ओर से भी लगातार चिंता जताई जा रही थी। अस्पताल में भर्ती किए जाने के बाद उनकी चिकित्सकीय निगरानी लगातार जारी है और डॉक्टर उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
मामले पर सभी की नजर अब मेडिकल टीम की अगली स्वास्थ्य रिपोर्ट और अदालत में होने वाली आगे की सुनवाई पर बनी हुई है।