वॉशिंगटन डीसी/तेहरान, 05 सितंबर2026 । ईरान के रणनीतिक खार्ग द्वीप के पास एक ईरानी तेल टैंकर को अमेरिकी मिसाइलों से निशाना बनाए जाने की खबर सामने आई है। ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी तस्नीम के मुताबिक, टैंकर पर चार अमेरिकी मिसाइलें दागी गईं। घटना को लेकर अभी अमेरिका की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के बेहद सुरक्षित भूमिगत परमाणु ठिकाने पिकैक्स माउंटेन पर जल्द जोरदार हमला करने की चेतावनी दी है। ट्रम्प ने शुक्रवार को कहा कि अमेरिकी खुफिया एजेंसियां इस ठिकाने पर होने वाली गतिविधियों पर नजर रख रही हैं। अगर किसी तरह की भी एक्टिविटी दिखाई दी तो हमला हो सकता है।
ट्रम्प ने ईरान के खिलाफ पिछले पांच महीने से चल रहे अमेरिकी सैन्य अभियान का बचाव किया। उन्होंने कहा कि अभियान का सबसे बड़ा मकसद ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकना है।
खार्ग द्वीप क्यों है अहम?
खार्ग द्वीप ईरान के लिए बेहद महत्वपूर्ण तेल निर्यात केंद्र है। फारस की खाड़ी में स्थित यह द्वीप लंबे समय से ईरान के कच्चे तेल के निर्यात में प्रमुख भूमिका निभाता रहा है। ऐसे में इसके आसपास किसी तेल टैंकर पर हमला ईरान के ऊर्जा कारोबार और समुद्री सुरक्षा को लेकर नई चिंता पैदा कर सकता है।
ईरानी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, टैंकर को चार मिसाइलों से निशाना बनाया गया। हमले के बाद चालक दल को जहाज से बाहर निकाला जा रहा है। शुरुआती रिपोर्टों में किसी के मारे जाने की सूचना नहीं है। हालांकि, हमले से टैंकर को कितना नुकसान हुआ, इसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
अमेरिका की तरफ से पुष्टि नहीं
इस घटना को लेकर सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अमेरिकी अधिकारियों या अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने तत्काल हमले की जिम्मेदारी स्वीकार नहीं की है। इसलिए फिलहाल इसे ईरानी मीडिया के दावे के रूप में ही देखा जा रहा है। आने वाले समय में अमेरिकी बयान से हमले की वास्तविक स्थिति और लक्ष्य को लेकर तस्वीर साफ हो सकती है।
अमेरिका और ईरान के बीच हाल के दिनों में सैन्य तनाव फिर बढ़ा है। इससे पहले अमेरिका ने ईरान के लारक द्वीप पर मिसाइल लॉन्चरों को निशाना बनाया था, जिसके बाद ईरान की ओर से जवाबी कार्रवाई की खबरें आई थीं। होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय शिपिंग और तेल आपूर्ति पर भी दबाव बढ़ा है।
तेल बाजार पर पड़ सकता है असर
अगर ईरानी तेल टैंकरों और निर्यात सुविधाओं पर हमले बढ़ते हैं तो वैश्विक तेल आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ सकती है। खार्ग द्वीप और होर्मुज जलडमरूमध्य की रणनीतिक अहमियत को देखते हुए यहां किसी भी बड़े सैन्य घटनाक्रम का असर अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार और समुद्री व्यापार पर पड़ने की आशंका रहती है।