नैनीताल में निजी स्कूलों की मनमानी पर चला प्रशासन का डंडा, 46 स्कूलों ने लौटाए 39 लाख रुपये

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नैनीताल , 05 सितंबर2026 । नैनीताल जिले में निजी स्कूलों की फीस वसूली को लेकर जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग की सख्ती का असर दिखाई देने लगा है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 में निजी विद्यालयों की ओर से लिए जा रहे अतिरिक्त और नियमविरुद्ध शुल्क की जांच कराई गई। जांच में 87 निजी स्कूलों में नियमों के विपरीत शुल्क वसूले जाने की पुष्टि हुई।

नैनीताल जिला प्रशासन ने प्राइवेट स्कूलों की मनमानी पर लगाम लगाने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। शिक्षा विभाग के नोटिस दिए जाने के बाद जिले की 46 स्कूलों ने 39,05, 405 रुपये की रकस बच्चों के अभिभावकों को लौटा दी है। बताया जाता है कि स्कूल छात्रों से स्थानांतरण प्रमाण पत्र (TC) का शुल्क, जो कि एक रुपये निर्धारित है, की जगह 1000 रुपये तक वसूल रहे थे।

46 स्कूलों ने लौटाए 39.05 लाख रुपये

प्रशासन की कार्रवाई के बाद 46 निजी स्कूलों ने अभिभावकों को कुल 39 लाख 5 हजार 405 रुपये वापस किए हैं। यह रकम उन शुल्कों में शामिल है, जिन्हें जांच में नियमों के अनुरूप नहीं पाया गया था। इससे उन अभिभावकों को राहत मिली है, जिनसे विभिन्न मदों में निर्धारित राशि से ज्यादा पैसा लिया गया था।

कार्रवाई का असर सिर्फ रकम वापसी तक सीमित नहीं रहा। जांच के बाद आठ विद्यालयों ने नियमविरुद्ध बढ़ाई गई ट्यूशन फीस कम की। वहीं 39 स्कूलों ने परीक्षा शुल्क में कमी की है। इसके अलावा 15 निजी विद्यालयों ने पंजीकरण शुल्क को कम किया या पूरी तरह समाप्त कर दिया।

फीस बढ़ोतरी को लेकर भी दिशा-निर्देश

प्रशासन ने निजी स्कूलों की फीस बढ़ोतरी को लेकर भी दिशा-निर्देश जारी किए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, फीस में बढ़ोतरी के लिए अभिभावक-शिक्षक संघ यानी PTA की मंजूरी जरूरी होगी और तीन साल की अवधि में फीस बढ़ोतरी की सीमा तय की गई है।

बाकी स्कूलों पर भी कार्रवाई की तैयारी

जिन विद्यालयों ने अब तक अतिरिक्त शुल्क वापस नहीं किया है, उन पर शिक्षा विभाग आगे कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। नियमों का उल्लंघन जारी रहने पर संबंधित स्कूलों की मान्यता समाप्त करने की संस्तुति शासन को भेजे जाने की बात भी कही गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अभिभावकों से नियमविरुद्ध शुल्क वसूली को स्वीकार नहीं किया जाएगा।

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