लुधियाना, 22 जुलाई 2026 । पंजाब की राजनीति में एक बार फिर हलचल बढ़ गई है। लुधियाना नगर निगम में कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है, जहां पार्षद मुंडिया ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उनके इस्तीफे के बाद नगर निगम की राजनीति में नए समीकरण बनने की चर्चा शुरू हो गई है।
जानकारी के अनुसार, वार्ड नंबर-24 से कांग्रेस पार्षद गुरमीत सिंह मुंडिया ने कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने का ऐलान किया है। उन्होंने अपने इस्तीफे की जानकारी सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा कर दी। गुरमीत सिंह मुंडिया का नाम हाल ही में जमीन से जुड़े कथित धोखाधड़ी के एक मामले में दर्ज पुलिस केस के बाद चर्चा में आया था। इसी बीच उनके इस्तीफे ने राजनीतिक हलकों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।
पार्षद मुंडिया के इस्तीफे से कांग्रेस को स्थानीय स्तर पर नुकसान माना जा रहा है। हालांकि, इस्तीफे के पीछे की वजहों को लेकर अभी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। राजनीतिक गलियारों में इसे पार्टी के अंदर चल रही गतिविधियों और स्थानीय समीकरणों से जोड़कर देखा जा रहा है।
लुधियाना नगर निगम पंजाब के प्रमुख शहरी निकायों में से एक है और यहां पार्षदों की भूमिका स्थानीय विकास कार्यों और राजनीतिक संतुलन में महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में किसी प्रमुख पार्षद का इस्तीफा देना आने वाले समय में नगर निगम की राजनीति को प्रभावित कर सकता है।
कांग्रेस पहले से ही पंजाब में संगठनात्मक चुनौतियों का सामना कर रही है। ऐसे समय में नगर निगम स्तर पर हुए इस घटनाक्रम ने पार्टी के लिए नई चिंता खड़ी कर दी है। वहीं, विपक्षी दल इस मौके को कांग्रेस की कमजोरी के रूप में पेश कर सकते हैं।
इस्तीफे के बाद अब सभी की नजर इस बात पर है कि पार्षद मुंडिया का अगला राजनीतिक कदम क्या होगा और वह किसी अन्य दल में शामिल होते हैं या नहीं। साथ ही, कांग्रेस की ओर से इस घटनाक्रम पर क्या प्रतिक्रिया आती है, यह भी अहम माना जा रहा है।