नई दिल्ली, 18 जुलाई 2026 । एक सनसनीखेज आपराधिक मामले में पुलिस ने दावा किया है कि मासूम बच्चे को संपत्ति का वारिस बनाने की कथित साजिश के तहत एक किराएदार की हत्या की गई। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस ने आरोप लगाया कि इस पूरे घटनाक्रम के पीछे मकान मालिक की सुनियोजित भूमिका थी। मामले के खुलासे के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है।
सीसीटीवी की मदद से हुआ खुलासा
पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल हथौड़ा, आरोपियों के मोबाइल फोन और वारदात के दौरान पहने गए कपड़ों को भी जब्त किया है। एसएचओ द्वारका नॉर्थ सुनील कुमार रोहिल्ला और स्पेशल स्टाफ इंचार्ज कमलेश कुमार की देखरेख में सब इंस्पेक्टर दिव्यांशु, प्रेम नारायण, विजय, हेड कॉन्स्टेबल जगत, दीपक, अजीत की टीम ने टेक्निकल सर्विलांस और 500 सीसीटीवी फुटेज की मदद से इस मामले का खुलासा किया। आरोपी बिहार के रहने वाले हैं और नजफगढ़ के धर्मपुरा में रहते हैं।
शराब का दिया लालच
वहीं, उस मकान में आरोपी अनिल ठाकुर अकेला ही रहता है। उसने प्लान बनाया कि यदि अखिलेश रास्ते से हट जाएगा, तो वह 7 साल के बच्चे को अपना वारिस बना लेगा। 10 जुलाई को अनिल ने अखिलेश को शराब का लालच दिया। राजू के साथ अखिलेश को लेकर करगिल चौक के पास जंगल की तरफ ले गया। पूछने पर कहा कि बाहर पुलिस चालान कर देगी।
जांच में आया सामने
वहीं, मरने वाले अखिलेश भी बिहार के रहने वाले थे। रविवार को अखिलेश का शव कारगिल चौक के पास नाले के साथ वाले जंगल में मिला था। जांच में पता चला कि अखिलेश, आरोपी अनिल के मकान में पत्नी और बेटे के साथ रहते थे। अखिलेश की पत्नी की तीन महीने पहले ही कैंसर से मौत हो गई थी। उसका 7 साल का बच्चा भी है।
पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में हत्या के पीछे संपत्ति और उत्तराधिकार से जुड़ा संभावित मकसद सामने आया है। आरोप है कि कथित साजिश के तहत किराएदार को रास्ते से हटाने की योजना बनाई गई, ताकि भविष्य में संपत्ति से जुड़े अधिकारों को प्रभावित किया जा सके। जांच के दौरान मिले साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर पुलिस ने मामले की कई कड़ियां जोड़ने का दावा किया है।
अधिकारियों का कहना है कि मामले में घटनास्थल से जुटाए गए सबूत, तकनीकी जांच और संबंधित लोगों से पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। यदि जांच में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले की विवेचना जारी है और सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। अंतिम निष्कर्ष अदालत में पेश किए जाने वाले साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर तय होगा।