मुंगेर , 18 जुलाई 2026 । बिहार के मुंगेर में एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की पत्नी को मिले प्रोटोकॉल को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए सवाल किया, “मुख्यमंत्री सम्राट की पत्नी कौन से संवैधानिक पद पर हैं?” विपक्ष का आरोप है कि यदि किसी व्यक्ति के पास कोई संवैधानिक या सरकारी पद नहीं है, तो उन्हें आधिकारिक प्रोटोकॉल दिए जाने का आधार स्पष्ट किया जाना चाहिए।
आरजेडी ने सरकार से पूछे 10 सवाल
बिहार की मुख्य विपक्षी पार्टी आरजेडी की ओर से वीडियो ट्वीट करते हुए, 10 तीखे सवाल पूछे गए हैं।
- मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की पत्नी कौन से संवैधानिक पद पर हैं?
- किस नियम से उन्हें प्रोटोकॉल मिल रहा है?
- क्यों उनके साथ इतनी गाड़ियों का काफिला चल रहा है? SP उनके काफिले में चल रहे हैं?
- इतने सारे पुलिसकर्मी साथ चल रहे हैं?
- क्यों राज्य के खर्चे पर उन्हें इतने पुलिसकर्मियों की इस श्रेणी की सुरक्षा दी जा रही है?
- सम्राट चौधरी की पत्नी किस अधिकार से शिक्षण संस्थानों का निरीक्षण कर रही हैं?
- पूरे राज्य के गवर्नेंस और अपने कार्यभार को सम्राट चौधरी ने अपने परिजनों को आउटसोर्स कर दिया है?
- घर वालों का अलग से किचन कैबिनेट चल रहा है?
- सम्राट चौधरी के पूरे खानदान को प्रोटोकॉल चाहिए?
- विपक्ष के नेताओं की सुरक्षा को घटाकर सम्राट चौधरी ने सारी सुरक्षा अपनी धर्मपत्नी और परिवार वालों के सुपुर्द कर दी है?
आरजेडी नेताओं ने कहा कि सरकारी कार्यक्रमों में प्रोटोकॉल और सरकारी संसाधनों का उपयोग निर्धारित नियमों के अनुसार होना चाहिए। पार्टी ने सरकार से इस मामले में स्थिति स्पष्ट करने और यह बताने की मांग की कि संबंधित कार्यक्रम में किस नियम के तहत मुख्यमंत्री की पत्नी को विशेष प्रोटोकॉल प्रदान किया गया।
वहीं, सत्तारूढ़ पक्ष की ओर से अभी तक इस मुद्दे पर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनावी माहौल में इस तरह के मुद्दों पर सत्ता और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज होना स्वाभाविक है। यदि सरकार इस मामले पर स्पष्टीकरण जारी करती है, तो विवाद की दिशा आगे स्पष्ट हो सकती है।
इस घटनाक्रम के बाद बिहार की राजनीति में प्रोटोकॉल, सरकारी मर्यादा और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सत्ता और विपक्ष के बीच बयानबाजी और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।