गाजियाबाद में बेखौफ बदमाश: ब्लेड मारकर मोबाइल लूट, बंधक बनाकर मारपीट,
गाजियाबाद , 12 जून् 2026 । गाजियाबाद के अलग-अलग इलाकों में हुई आपराधिक घटनाओं ने कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कहीं ब्लेड से हमला कर मोबाइल फोन छीन लिया गया, तो कहीं लोगों को बंधक बनाकर बेरहमी से पीटा गया। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं से आम नागरिकों में भय और असुरक्षा की भावना बढ़ रही है। दिनदहाड़े और सार्वजनिक स्थानों पर हो रही वारदातों ने पुलिस व्यवस्था की प्रभावशीलता पर भी बहस छेड़ दी है।
पहली घटना राजनगर इलाके में हुई, जहां एक युवती को कार में खींचने की कोशिश करते हुए उसके चेहरे पर हमला किया गया। वहीं दूसरी घटना मधुबन बापूधाम क्षेत्र के रईसपुर गांव में हुई, जहां किशोर को सरेआम अगवा कर बंधक बनाकर पीटा गया। इसके साथ ही तीसरी घटना शनि चौकी के पास हुई, जहां एक बीटेक स्टूडेंट के चेहरे पर ब्लेड मारकर उससे आईफोन छीन लिया गया। वहीं, इंदिरापुरम में थार सवार दबंगों ने एक कार चालक को पीट दिया।
युवती के चेहरे पर किया हमला
राजनगर में एक युवती के साथ अभद्रता की गई और जबरन उसे कार में खींचने की कोशिश की गई। कार में खींचने में विफल होने पर आरोपी ने युवती के चेहरे पर पंच मारा, जिससे उसकी आंख के पास गंभीर चोटें आई। घटना मंगलवार रात करीब साढ़े नौ बजे की है। नेहरूनगर निवासी युवती के पिता ने कविनगर थाने में आरोपी प्रियांशु जयसवाल के खिलाफ केस दर्ज कराया है। आरोपी साहिबाबाद क्षेत्र का रहने वाला है।
एक मामले में बदमाशों ने राह चलते व्यक्ति पर ब्लेड से हमला कर उसका मोबाइल फोन छीन लिया। पीड़ित के विरोध करने पर आरोपियों ने उसे घायल कर मौके से फरार हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से घायल को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है और लोग सुरक्षा को लेकर चिंता जता रहे हैं।
दूसरी घटना में कुछ लोगों को कथित तौर पर बंधक बनाकर उनके साथ मारपीट की गई। आरोप है कि हमलावरों ने पीड़ितों को घंटों तक अपने कब्जे में रखा और मानसिक तथा शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं केवल व्यक्तिगत अपराध नहीं हैं, बल्कि सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था के लिए भी चुनौती बनती हैं। अपराधियों का सार्वजनिक स्थानों पर बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम देना यह संकेत देता है कि उन्हें कानून का डर कम महसूस हो रहा है। ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई और सख्त कानूनी कदम उठाना आवश्यक माना जाता है।
पुलिस प्रशासन का कहना है कि सभी मामलों की जांच की जा रही है और सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान तथा अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। हालांकि लगातार सामने आ रही घटनाओं ने यह सवाल जरूर खड़ा कर दिया है कि क्या अपराधियों के मन से कानून का भय कम होता जा रहा है और क्या सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत है।