कुरुक्षेत्र, 04 जून् 2026 । हरियाणा को खालिस्तान बनाने और कुरुक्षेत्र स्थित प्रमुख मंदिरों को बम से उड़ाने की कथित धमकी मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गई हैं। इस धमकी ने प्रशासनिक और सुरक्षा तंत्र के बीच चिंता बढ़ा दी है, जिसके चलते संवेदनशील धार्मिक स्थलों, सार्वजनिक स्थानों और महत्वपूर्ण सरकारी परिसरों की सुरक्षा व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से मजबूत किया गया है।
यह धमकी ऐसे समय में आई है, जब मुख्यमंत्री नायब सैनी के अगले कुछ दिनों में कुरुक्षेत्र में कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम प्रस्तावित हैं। कल यानी 5 जून और 8 जून को सीएम के कुरुक्षेत्र के कार्यक्रम है। कुरुक्षेत्र के जिस स्थाणु मंदिर को उड़ाने की धमकी मिली है, उस मंदिर में 8 जून को सीएम का कार्यक्रम है। उसी दिन सीएम सोमनाथ के लिए स्पेशल ट्रेन कुरुक्षेत्र से रवाना करेंगे।
धमकी मिलने के बाद पुलिस, खुफिया एजेंसियों और सुरक्षा बलों ने संयुक्त रूप से जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का प्राथमिक लक्ष्य धमकी के स्रोत का पता लगाना, उसकी विश्वसनीयता का आकलन करना और किसी भी संभावित खतरे को समय रहते निष्क्रिय करना है। इसके तहत विभिन्न तकनीकी माध्यमों और डिजिटल प्लेटफॉर्म की भी जांच की जा रही है, ताकि धमकी देने वाले व्यक्तियों या संगठनों की पहचान की जा सके।
धार्मिक नगरी कुरुक्षेत्र में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। मंदिर परिसरों, भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों और प्रमुख धार्मिक स्थलों पर पुलिस बल की तैनाती बढ़ाई गई है। इसके अलावा संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए निगरानी व्यवस्था को भी मजबूत किया गया है। प्रशासन ने आम लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी संदिग्ध वस्तु या गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को देने की अपील की है।
सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की धमकियों को गंभीरता से लेना आवश्यक होता है, भले ही बाद में वे झूठी साबित हों। ऐसी घटनाएं सामाजिक तनाव पैदा करने और सार्वजनिक व्यवस्था को प्रभावित करने का प्रयास भी हो सकती हैं। इसलिए सुरक्षा एजेंसियां हर पहलू की गहन जांच कर रही हैं और विभिन्न राज्यों की एजेंसियों के साथ भी समन्वय बनाए हुए हैं।
राज्य सरकार और प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की राष्ट्रविरोधी या हिंसक गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। फिलहाल जांच जारी है और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लगातार समीक्षा की जा रही है ताकि नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।