ग्रेटर फरीदाबाद और दिल्ली के बीच सफर होगा तेज, सूरजकुंड रोड को मिलेगा नया एलिवेटेड कनेक्शन

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फरीदाबाद , 29 मई 2026 । ग्रेटर फरीदाबाद और दिल्ली के बीच रोजाना यात्रा करने वाले लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। सूरजकुंड रोड को अब बड़खल एलिवेटेड रूट से जोड़ने की योजना पर तेजी से काम किया जा रहा है, जिससे दोनों शहरों के बीच कनेक्टिविटी पहले से कहीं अधिक बेहतर हो जाएगी।

अगर किसी व्यक्ति को ग्रेटर फरीदाबाद (जैसे सेक्टर-75 से 89) से गुरुग्राम जाना हो, तो उसे बाईपास, एनएच, बडखल या अनखीर चौक होते हुए जाना पड़ता है। इस दौरान शहर के अंदरूनी ट्रैफिक और जाम की वजह से केवल फरीदाबाद की सीमा पार करने में ही 30 से 40 मिनट का लंबा समय बर्बाद हो जाता है। लेकिन इस एलिवेटेड रोड के बन जाने के बाद, लोग बिना किसी रुकावट के सीधे मात्र 10 मिनट में ग्रेटर फरीदाबाद से गुरुग्राम रोड पर पहुंच सकेंगे।

इस परियोजना के पूरा होने के बाद ट्रैफिक जाम की समस्या में काफी कमी आने की उम्मीद है। वर्तमान में दिल्ली और फरीदाबाद के बीच यात्रा करने वाले लोगों को कई जगह भारी जाम का सामना करना पड़ता है, खासकर ऑफिस टाइम में सड़कें पूरी तरह व्यस्त हो जाती हैं। नया एलिवेटेड रूट बनने से वाहनों की आवाजाही तेज होगी और सफर का समय भी कम लगेगा।

अधिकारियों के अनुसार, यह परियोजना क्षेत्रीय इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के साथ-साथ आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देगी। ग्रेटर फरीदाबाद तेजी से विकसित हो रहा आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्र है, जहां बड़ी संख्या में लोग दिल्ली-एनसीआर से आकर बस रहे हैं। ऐसे में बेहतर सड़क संपर्क की मांग लंबे समय से की जा रही थी।

परियोजना के तहत सूरजकुंड रोड को आधुनिक ट्रैफिक सिस्टम और बेहतर सड़क सुविधाओं के साथ विकसित किया जाएगा। इससे न केवल स्थानीय निवासियों को फायदा मिलेगा, बल्कि दिल्ली, नोएडा और गुरुग्राम की ओर जाने वाले यात्रियों को भी सुगम यात्रा का अनुभव मिलेगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह एलिवेटेड कनेक्टिविटी भविष्य में एनसीआर क्षेत्र के ट्रैफिक प्रबंधन के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। साथ ही इससे आसपास के रियल एस्टेट और व्यावसायिक क्षेत्रों में भी तेजी आने की संभावना जताई जा रही है।

स्थानीय लोगों ने इस परियोजना का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई है कि इससे रोजाना के लंबे ट्रैफिक जाम और समय की बर्बादी से राहत मिलेगी। अब लोगों की नजर परियोजना के निर्माण कार्य और उसकी समयसीमा पर टिकी हुई है।

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