पंचकूला, 26 मई 2026 । हरियाणा वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मोरनी-पिंजौर संभाग क्षेत्र में खैर के पेड़ों की अवैध कटाई और तस्करी के मामले में वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। विभागीय लापरवाही और संदिग्ध भूमिका के आरोपों के बीच वन विभाग के एक दरोगा को निलंबित कर दिया गया है। इस कार्रवाई के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है और पूरे मामले की जांच तेज कर दी गई है।
अवैध कटान के इस मामले को 19 मई के माई सिटी संस्करण में प्रमुखता के से प्रकाशित किया गया था। इसके बाद हरियाणा के मुख्य वन संरक्षक केसी मौत मीना ने मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए। जांच के आधार पर वन विभाग ने उनके खिलाफ कर्तव्य में लापरवाही, वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना, वन संपदा की सुरक्षा में विफल रहने और निर्धारित मुख्यालय पर मौजूद न रहने जैसे आरोप लगाए हैं।
सूत्रों के अनुसार, लंबे समय से इलाके में खैर की लकड़ी की अवैध तस्करी की शिकायतें मिल रही थीं। आरोप है कि जंगलों से पेड़ों की कटाई कर लकड़ी को चोरी-छिपे दूसरे राज्यों तक पहुंचाया जा रहा था। जांच के दौरान कई अनियमितताएं सामने आने के बाद विभाग ने संबंधित वन दरोगा पर कार्रवाई करते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
बताया जा रहा है कि विभागीय अधिकारियों को संदेह है कि तस्करों और कुछ स्थानीय कर्मचारियों के बीच मिलीभगत हो सकती है। इसी एंगल से जांच की जा रही है। वन विभाग की टीम अब लकड़ी तस्करी से जुड़े नेटवर्क, परिवहन मार्ग और संभावित आरोपियों की पहचान में जुटी हुई है।
रिपोर्ट 15 दिन के भीतर प्रस्तुत करने का निर्देश
विभाग ने वन दरोगा रामपाल को पिंजौर ब्लॉक का अतिरिक्त कार्यभार सौंपते हुए तत्काल जिम्मेदारी संभालने के निर्देश दिए हैं। साथ ही पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट 15 दिन के भीतर प्रस्तुत करने को कहा गया है।
खैर की लकड़ी का इस्तेमाल फर्नीचर, औषधीय उत्पादों और अन्य व्यावसायिक कार्यों में होने के कारण इसकी बाजार में काफी मांग रहती है। इसी वजह से अवैध कटाई और तस्करी के मामलों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की तस्करी से जंगलों का संतुलन बिगड़ता है और वन संपदा को भारी नुकसान पहुंचता है।
वन विभाग ने संकेत दिए हैं कि मामले में आगे और भी कार्रवाई हो सकती है। अधिकारियों का कहना है कि दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और अवैध तस्करी पर सख्त रोक लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।