हैरान कर देने वाला खुलासा—खुद को मृत दिखाने के लिए बर्खास्त सिपाही ने भिखारी को जिंदा जलाया, पहचान छुपाने की खौफनाक साजिश बेनकाब
हाथरस , 16 अप्रैल 2026 । एक सनसनीखेज और दिल दहला देने वाले मामले में पुलिस जांच के दौरान चौंकाने वाला खुलासा हुआ है, जहां उत्तर प्रदेश पुलिस के एक बर्खास्त सिपाही को हाथरस जिले में एक भिखारी की हत्या कर शव को जलाकर अपनी मौत का झूठा नाटक करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। आरोपी ने भिखारी को जिंदा जलाकर उसके पास अपना आईडी कार्ड छोड़ दिया, ताकि पुलिस उसे मृत समझ ले और वह कानून से बच सके।
पुलिस ने बताया कि यह घटना 12 मार्च को उत्तर पूर्वी रेलवे के हाथरस रोड हॉल्ट के पास एक टिन शेड में घटी, जहां से एक अज्ञात बुजुर्ग व्यक्ति का झुलसा हुआ शव बरामद किया गया।
पुलिस के अनुसार, आपराधिक गतिविधियों के कारण पहले ही सेवा से बर्खास्त किए गए रामवीर सिंह (55) ने भिखारी की कथित तौर पर हत्या कर शव को आग लगा दी। पुलिस ने बताया कि आरोपी पुलिसकर्मी ने अधिकारियों को गुमराह करने के लिए शव के पास अपना पहचान पत्र और सामान भी रख दिया ताकि उसकी मौत का झूठा दावा सही साबित हो सके।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, आरोपी पहले से ही किसी मामले में फरार चल रहा था और गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने यह खौफनाक साजिश रची। उसने सुनसान इलाके में भिखारी को निशाना बनाया और घटना को इस तरह अंजाम दिया कि शव की पहचान उसकी (आरोपी की) के रूप में हो सके।
हालांकि, जांच के दौरान पुलिस को कई ऐसे सुराग मिले, जिन्होंने इस पूरी कहानी पर सवाल खड़े कर दिए। शव की पहचान, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और घटनास्थल से मिले सबूतों के आधार पर पुलिस को शक हुआ कि मामला कुछ और ही है। इसके बाद तकनीकी जांच, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के जरिए आरोपी की लोकेशन ट्रैक की गई।
आखिरकार, पुलिस ने आरोपी को दबोच लिया और पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। इस खुलासे ने न केवल पुलिस को चौंका दिया, बल्कि पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है।
यह मामला दर्शाता है कि अपराधी चाहे कितनी भी चालाकी से योजना क्यों न बनाए, आधुनिक जांच तकनीकों और सतर्क पुलिसिंग के सामने सच्चाई छुपाना मुश्किल है। साथ ही, यह घटना समाज में बढ़ती आपराधिक प्रवृत्तियों और मानवता को झकझोर देने वाली मानसिकता की ओर भी इशारा करती है।