कौन हैं आईपीएस अमित पाठक? यूपी पुलिस के तेजतर्रार अधिकारी जिन्हें मिला NSG में इंस्पेक्टर जनरल का बड़ा दायित्व

0

लखनऊ, 02 जून्‌ 2026 । उत्तर प्रदेश कैडर के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी अमित पाठक को भारत की प्रतिष्ठित आतंकवाद-रोधी इकाई National Security Guard (NSG) में इंस्पेक्टर जनरल (IG) नियुक्त किया गया है। केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय ने उनकी नियुक्ति को मंजूरी देते हुए उन्हें केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर एनएसजी में भेजने का आदेश जारी किया है।

अमित पाठक को कानून-व्यवस्था संभालने, आतंकवाद के खिलाफ अभियानों में विशेषज्ञता और संगठित अपराधों की गहन जांच में निपुणता के लिए जाना जाता है। उन्होंने यूपी स्पेशल टास्क फोर्स (STF) में साढ़े चार साल काम किया है और कई अभियानों का नेतृत्व किया है। उत्तर प्रदेश कैडर के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी अमित पाठक को केंद्र सरकार में प्रतिनियुक्ति पर भेजा जा रहा है। उनकी नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (एनएसजी) के आईजी पद पर नियुक्ति की गई है। फिलहाल वे सन 2007 के बैच के आईपीएस अधिकारी अमित पाठक गोंडा में देवीपाटन रेंज के आईजी हैं।

अपने लगभग दो दशक लंबे पुलिस करियर में अमित पाठक ने वाराणसी, गाजियाबाद, आगरा, मुरादाबाद और गोरखपुर जैसे महत्वपूर्ण जिलों में एसपी और एसएसपी के रूप में जिम्मेदारियां संभाली हैं। मार्च 2021 में वे गाजियाबाद पुलिस कमिश्नरेट के प्रमुख पद पर भी रहे और कई हाई-प्रोफाइल कानून-व्यवस्था अभियानों का नेतृत्व किया। अमित पाठक की पहचान एक तकनीक-आधारित और परिणामोन्मुख पुलिस अधिकारी के रूप में रही है। उन्होंने संगठित अपराध, साइबर अपराध और बड़े आपराधिक नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई में आधुनिक तकनीक और डिजिटल इंटेलिजेंस का प्रभावी उपयोग किया। उत्तर प्रदेश एसटीएफ में रहते हुए उन्होंने कई महत्वपूर्ण ऑपरेशनों को अंजाम दिया और अपराध नियंत्रण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया।

उनकी ईमानदार छवि और भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति की अक्सर चर्चा होती रही है। पुलिसिंग में उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें डीजीपी कमेंडेशन डिस्क सिल्वर, गोल्ड और प्लेटिनम सहित कई सम्मान प्राप्त हो चुके हैं। एनएसजी में इंस्पेक्टर जनरल के रूप में उनकी नियुक्ति को राष्ट्रीय सुरक्षा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी माना जा रहा है। वर्तमान में वे देविपाटन रेंज के आईजी के रूप में कार्यरत थे और अब देश की सबसे महत्वपूर्ण आतंकवाद-रोधी इकाइयों में से एक में रणनीतिक और परिचालन जिम्मेदारियां निभाएंगे।

Leave A Reply

Your email address will not be published.