मानवीय संवेदना की मिसाल—मां की गुहार सुन भावुक हुए CM योगी, बच्चे के इलाज के लिए तुरंत आयुष्मान कार्ड के निर्देश

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गोरखपुर , 16 अप्रैल 2026 । एक भावुक कर देने वाली घटना में योगी आदित्यनाथ ने मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए एक मां की गुहार पर तुरंत कार्रवाई की। जब एक महिला ने अपने बीमार बच्चे के इलाज के लिए मदद की अपील की, तो मुख्यमंत्री ने आश्वासन देते हुए कहा—“घबराइए मत, बच्चे के इलाज में कोई बाधा नहीं आने देंगे।”

जनता दर्शन में श्रावस्ती से आई एक महिला ने गंभीर बीमारी से पीड़ित बच्चे के इलाज में मदद का अनुरोध किया। साथ में आए बच्चे को देखकर मुख्यमंत्री भावुक हो गए। उन्होंने महिला से आयुष्मान कार्ड के बारे में पूछा। महिला ने कहा कि उनका आयुष्मान कार्ड नहीं बना है, जिसके बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि घबराइए मत, बच्चे के इलाज में कोई भी बाधा नहीं आने देंगे। उन्होंने कहा कि आयुष्मान कार्ड बनवाएंगे और विवेकाधीन कोष से भी बच्चे के इलाज में आर्थिक सहायता देंगे। महिला का प्रार्थना पत्र लेकर उन्होंने मौके पर मौजूद अफसरों को इस निर्देश के साथ थमाया कि इसे श्रावस्ती के जिलाधिकारी को भेजकर आयुष्मान कार्ड बनवाया जाए और साथ ही डीएम के जरिए इलाज का इस्टीमेट भी शासन को उपलब्ध कराया जाए।

यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को मुफ्त या सस्ती स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चलाई जा रही है।

घटना के दौरान मौजूद लोगों के अनुसार, मां की स्थिति बेहद दयनीय थी और वह अपने बच्चे के इलाज को लेकर काफी परेशान थी। मुख्यमंत्री ने न केवल उसकी बात गंभीरता से सुनी, बल्कि मौके पर ही अधिकारियों को निर्देश देकर यह सुनिश्चित किया कि बच्चे को तुरंत चिकित्सा सुविधा मिल सके।

सरकार की इस त्वरित कार्रवाई से यह संदेश गया है कि जरूरतमंदों की मदद के लिए प्रशासन पूरी तरह तत्पर है। आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से लाखों परिवारों को पहले ही लाभ मिल चुका है और इस तरह के मामलों में इसकी उपयोगिता और भी स्पष्ट हो जाती है।

यह घटना दर्शाती है कि यदि सरकारी योजनाओं का सही समय पर और सही तरीके से उपयोग किया जाए, तो वे आम जनता के जीवन में वास्तविक बदलाव ला सकती हैं।

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