नोएडा DM की सख्त चेतावनी: मजदूरों के शोषण पर नहीं होगी कोई ढिलाई, आउटसोर्सिंग एजेंसियां ब्लैकलिस्ट के दायरे में

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गौतम बुद्ध नगर ,  15 अप्रैल 2026 । नोएडा में श्रमिक मुद्दों को लेकर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। Gautam Buddh Nagar Administration के जिलाधिकारी (DM) ने साफ शब्दों में कहा है कि आउटसोर्सिंग एजेंसियां तुरंत अपनी कार्यप्रणाली सुधार लें, अन्यथा उन्हें ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा। जिलाधिकारी की यह चेतावनी नोएडा में स्थित फैक्टरियों के हजारों श्रमिकों की सोमवार को व्यापक विरोध प्रदर्शन के बाद आई है जिसने बाद में हिंसक रूप ले लिया था।

विभिन्न औद्योगिक इकाइयों की आउटसोर्सिंग एजेंसियों और संविदाकारों के साथ मंगलवार को बैठक की अध्यक्षता करते हुए रूपम ने जिले में औद्योगिक शांति बनाए रखने के लिए सरकारी दिशानिर्देशों का 100 प्रतिशत अनुपालन करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

DM ने कहा कि मजदूरों के साथ किसी भी प्रकार का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हाल के दिनों में सामने आई शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है और दोषी एजेंसियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

प्रशासन को मिली शिकायतों में वेतन में देरी, तय मानकों के अनुसार भुगतान न करना, और श्रमिकों को मूलभूत सुविधाएं न देना जैसे मुद्दे शामिल हैं। DM ने स्पष्ट किया कि श्रम कानूनों का पालन करना सभी एजेंसियों के लिए अनिवार्य है और उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी।

Gautam Buddh Nagar Administration ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे सभी आउटसोर्सिंग एजेंसियों का ऑडिट करें और यह सुनिश्चित करें कि श्रमिकों को उनके अधिकारों के अनुसार वेतन और सुविधाएं मिल रही हैं या नहीं। राज्य सरकार द्वारा निर्धारित संशोधित न्यूनतम मजदूरी दरों का हवाला देते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि अकुशल श्रमिकों को 13,690 रुपए प्रति माह, अर्ध-कुशल श्रमिकों को 15,059 रुपए और कुशल श्रमिकों को 16,868 रुपए प्रति माह मिलेंगे।

इसके साथ ही, प्रशासन ने यह भी कहा कि भविष्य में जिन एजेंसियों के खिलाफ गंभीर अनियमितताएं पाई जाएंगी, उन्हें न केवल ब्लैकलिस्ट किया जाएगा, बल्कि उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। इस सख्त रुख के बाद क्षेत्र में सक्रिय आउटसोर्सिंग एजेंसियों में हड़कंप मच गया है और कई एजेंसियां अब नियमों के पालन को लेकर सतर्क हो गई हैं। मजदूर संगठनों ने प्रशासन के इस कदम का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि इससे श्रमिकों को न्याय मिलेगा।

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