TRE-4 में देरी पर सियासत तेज: तेजस्वी यादव का हमला—“लाखों युवाओं के भविष्य से खिलवाड़”
बिहार , 09 अप्रैल 2026 । बिहार में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया TRE-4 में हो रही देरी को लेकर सियासत गरमा गई है। तेजस्वी यादव ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि इस देरी से लाखों युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है।
उन्होंने मांग की कि शिक्षक भर्ती के लिए टीआरई-4 की रिक्तियां अविलंब निकाली जाएं। बयान जारी कर तेजस्वी यादव ने कहा कि 17 महीनों की महागठबंधन सरकार के दौरान उनकी पहल पर शिक्षा विभाग ने युद्ध स्तर पर टीआरई-1 तथा टीआरई-2 के तहत निर्धारित समय सीमा के भीतर बिना किसी पेपर लीक के, पारदर्शी तरीके से 2.20 लाख से अधिक अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिया था। उन्होंने दावा किया कि टीआरई-3 की प्रक्रिया भी शुरू कराई गई थी, लेकिन जनवरी 2024 में उनकी सरकार के हटने के बाद पेपर लीक के कारण परीक्षा रद्द कर दी गई और बाद में यह परीक्षा भी विलंब से आयोजित हुई।
तेजस्वी यादव का आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया में लगातार देरी और स्पष्ट समयसीमा की कमी से अभ्यर्थियों में निराशा बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि युवा लंबे समय से इस परीक्षा और नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन सरकार की सुस्त कार्यप्रणाली के कारण उन्हें अनिश्चितता का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने सरकार से मांग की कि TRE-4 प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा किया जाए और भर्ती से जुड़ी सभी चरणों की स्पष्ट समयसीमा घोषित की जाए। साथ ही उन्होंने पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मुद्दा आगामी चुनावों में अहम बन सकता है, क्योंकि इससे बड़ी संख्या में युवा मतदाता प्रभावित हो रहे हैं। दूसरी ओर, सरकार की ओर से अभी तक इस बयान पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
अब सभी की नजरें इस पर टिकी हैं कि सरकार इस मामले में क्या कदम उठाती है और क्या भर्ती प्रक्रिया को जल्द पूरा करने के लिए ठोस निर्णय लिया जाता है।