ग्रेटर आगरा का मेगा प्लान: 10 पवित्र नदियों के नाम पर बसेंगी टाउनशिप, ₹5142 करोड़ से शहर का होगा कायाकल्प
लखनऊ, 09 अप्रैल 2026 । आगरा को आधुनिक और सुनियोजित शहर बनाने के लिए “ग्रेटर आगरा” परियोजना पर काम तेज हो गया है। ग्रेटर नोएडा की तर्ज पर विकसित किए जा रहे इस प्रोजेक्ट के तहत शहर की सूरत बदलने के लिए करीब ₹5142 करोड़ का बड़ा निवेश किया जाएगा।
पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि ग्रेटर आगरा की सबसे बड़ी खासियत इसका सांस्कृतिक दृष्टिकोण है। यहां विकसित की जा रही 10 टाउनशिप सिंधुपुरम, गोमतीपुरम, गंगापुरम, यमुनापुरम, बेतवापुरम, महानदीपुरम, नर्मदापुरम, गोदावरीपुरम, कृष्णापुरम और कावेरीपुरम भारतीय सभ्यता की पवित्र नदियों के नाम पर बसाई जा रहीं हैं। यह पहल न केवल भारतीय संस्कृति को सम्मान देती है, बल्कि शहर के विकास को एक नई पहचान भी प्रदान करती है।
इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत 10 नई टाउनशिप विकसित की जाएंगी, जिनका नाम देश की पवित्र नदियों—जैसे गंगा, यमुना, सरस्वती आदि—के नाम पर रखा जाएगा। इन टाउनशिप में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, चौड़ी सड़कें, ग्रीन एरिया, स्मार्ट सुविधाएं और बेहतर कनेक्टिविटी का खास ध्यान रखा जाएगा।
परियोजना का उद्देश्य बढ़ती आबादी और शहरी दबाव को संतुलित करना है, ताकि लोगों को बेहतर आवास और सुविधाएं मिल सकें। इसके साथ ही, पर्यटन नगरी आगरा में आने वाले देश-विदेश के पर्यटकों के लिए भी बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
अधिकारियों के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट से न केवल शहर का विस्तार होगा बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। रियल एस्टेट सेक्टर को भी इससे बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
ग्रेटर आगरा योजना की लोकेशन इसे और भी खास बनाती है। यह परियोजना 100 मीटर चौड़ी इनर रिंग रोड के पास स्थित है और नेशनल हाईवे-19, फतेहाबाद रोड तथा यमुना एक्सप्रेसवे से जुड़ी हुई है। साथ ही, यमुना नदी की निकटता और कुबेरपुर रेलवे स्टेशन की आसान पहुंच इसे आवागमन और व्यापार के लिए बेहद उपयुक्त बनाती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह योजना तय समय पर पूरी होती है, तो आगरा एक आधुनिक और स्मार्ट सिटी के रूप में उभर सकता है, जो विकास और विरासत दोनों का संतुलन बनाए रखेगा।