व्यापारियों के हित में सख्त रुख: मंत्री कृष्ण बेदी ने अधिकारियों को लगाई फटकार

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नरवाना , 30 मार्च 2026 । व्यापारियों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए Krishan Bedi ने अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी कीमत पर व्यापारियों का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और यदि ऐसी शिकायतें सामने आती हैं, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

यह विवाद अब कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल बेदी के दरबार में पहुँचा, जहाँ मंत्री ने न केवल मामले को सुना बल्कि मौके पर ही उसका समाधान भी निकाल दिया। कृष्ण बेदी ने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि व्यपारियों से उत्पीड़न सहन नहीं होगा, इस एरिया में बुलडोजर नहीं चलेगा।

दरअसल ओल्ड कोर्ट रोड पर दुकानों के बाहर बने चबूतरे तोड़ने को लेकर प्रशासन और दुकानदारों के बीच ठनी हुई थी। व्यापारियों में भारी रोष था, जिसके बाद मामला राज्य के कैबिनेट मंत्री कृष्ण कुमार बेदी के पास पहुँचा। मंत्री ने तत्काल अधिकारियों और व्यापारियों की संयुक्त बैठक बुलाई। बैठक में मंत्री का सख्त रुख देखने को मिला। उन्होंने अधिकारियों को दो टूक शब्दों में कहा कि विकास के नाम पर व्यापारियों का नुकसान नहीं होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी दुकान का चबूतरा नहीं तोड़ा जाएगा।

मंत्री ने बैठक के दौरान कहा कि व्यापार और उद्योग राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, इसलिए उन्हें अनावश्यक परेशान करना बिल्कुल स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे नियमों का पालन करते हुए काम करें, लेकिन किसी भी व्यापारी के साथ दुर्व्यवहार या दबाव बनाने जैसी गतिविधियों से बचें।

बताया जा रहा है कि हाल के दिनों में कुछ व्यापारियों ने विभागीय अधिकारियों द्वारा उत्पीड़न, अनावश्यक जांच और दबाव बनाने की शिकायतें की थीं। इन शिकायतों को देखते हुए मंत्री ने सख्त रुख अपनाया और स्पष्ट संदेश दिया कि प्रशासन को पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ काम करना होगा।

Government of Haryana की ओर से यह भी संकेत दिया गया है कि व्यापारियों के लिए अनुकूल माहौल बनाना प्राथमिकता है, ताकि निवेश और कारोबार को बढ़ावा मिल सके। मंत्री ने कहा कि “ईज ऑफ डूइंग बिजनेस” को मजबूत करना सरकार की नीति का अहम हिस्सा है।

उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि व्यापारियों की समस्याओं का समय पर समाधान किया जाए और अनावश्यक देरी से बचा जाए। साथ ही, शिकायतों के निपटारे के लिए एक पारदर्शी व्यवस्था बनाने पर भी जोर दिया गया।

इस सख्त रुख के बाद यह उम्मीद की जा रही है कि व्यापारियों और प्रशासन के बीच तालमेल बेहतर होगा और कारोबारी माहौल में सुधार देखने को मिलेगा।

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