बराड़ा , 30 मार्च 2026 । सोशल मीडिया के जरिए ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें एक किशोरी को डराकर उससे करीब 6 तोला सोना ऐंठ लिया गया। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 2 नाबालिगों सहित कुल 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
बराड़ा के गांव सरकपुर में नाबालिग लड़की को धमकाकर उससे घर के सोने के गहने हड़पने का मामला सामने आया है। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर केस दर्ज कर जांच शुरू की। सोशल मीडिया पर वीडियो बनाने की धमकी देकर नाबालिक लडक़ी से करीब 6 तोले सोना ऐंठने के आरोप में पुलिस ने दो नाबालिग समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों नाबालिग आरोपियों को जुवेनाइल होम (बालसुधार गृह) भेज दिया है।
मुलाना थाना प्रभारी प्रमोद राणा ने बताया कि उनके थाना क्षेत्र के एक गांव के व्यक्ति ने शिकायत दी थी कि रिश्तेदार की शादी में जाने के लिए जब उनकी पत्नी ने गहने पहनने के लिए चेक किए तो गहने अलमारी से गायब थे। इस बारे में जब उसने अपनी 16 वर्षीय बेटी से पूछा तो उसने बताया कि बराड़ा के दो लडक़े टयूशन पर आते जाते उसे मिलते थे। इसी दौरान उन्होंने घर का मोबाइल नंबर भी ले लिया और सोशल मीडिया(instagram) पर उससे बातचीत करने लगे। लड़कों ने कुछ दिन पहले उससे दो लाख रुपए मांगे, जब लडक़ी ने इनकार किया तो आरोपी ने उसे कहा कि वह उसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल देंगे और यदि पैसे नहीं दिए तो वह उसे व उसके परिवार वालों को मार देंगे। अगर पैसे नहीं हैं तो घर से जेवर लाकर दे दो।
जानकारी के अनुसार, आरोपियों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर किशोरी से संपर्क किया और धीरे-धीरे उसे डराने-धमकाने लगे। कथित तौर पर उन्होंने किसी निजी जानकारी या फोटो का हवाला देकर ब्लैकमेल किया और बदनामी का डर दिखाकर सोना देने के लिए मजबूर कर दिया।
डरी-सहमी किशोरी ने आरोपियों के दबाव में आकर घर से सोना निकालकर उन्हें दे दिया। घटना के बाद जब परिवार को इस बारे में पता चला, तो तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई।
पुलिस ने साइबर ट्रैकिंग और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उन्हें पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपियों में 2 नाबालिग भी शामिल हैं, जिन्हें किशोर न्याय कानून के तहत प्रक्रिया में लिया गया है।
प्राथमिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी इसी तरह की घटनाओं को अंजाम देने के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते थे और लोगों को डराकर ठगी करते थे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह ने और कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है।
अधिकारियों ने अभिभावकों और युवाओं से अपील की है कि सोशल मीडिया पर अंजान लोगों से सावधानी बरतें और किसी भी तरह की धमकी या ब्लैकमेलिंग की स्थिति में तुरंत पुलिस से संपर्क करें।