स्पाइसजेट पर बढ़ा टैक्स दबाव, कंपनी को ₹125 करोड़ का नोटिस

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नई दिल्ली, 30 मई 2026 । घरेलू विमानन कंपनी स्पाइसजेट को बड़ा झटका लगा है। एयरलाइन को टैक्स विभाग की ओर से ₹125 करोड़ का नोटिस जारी किया गया है। यह नोटिस कर देनदारियों और वित्तीय अनुपालन से जुड़े मामलों को लेकर भेजा गया बताया जा रहा है। इस घटनाक्रम के बाद कंपनी एक बार फिर चर्चा में आ गई है।

इसके साथ ही विभाग ने स्पाइसजेट का GST रजिस्ट्रेशन रद्द करने की कार्रवाई भी शुरू कर दी है। GST डिपार्टमेंट ने रिटर्न फाइल करने में बार-बार हो रही देरी और नियमों का पालन न करने पर स्पाइसजेट को एक शो-कॉज (कारण बताओ) नोटिस भेजा है।

इस नोटिस में एयरलाइन का GST रजिस्ट्रेशन रद्द करने का प्रस्ताव भी रखा गया है। अधिकारियों का कहना है कि तय समय सीमा के भीतर रिटर्न दाखिल न करने के बाद CGST और SGST एक्ट, 2017 की धारा 62 के तहत एक प्रोविजनल असेसमेंट किया गया था, जिसके बाद यह टैक्स डिमांड निकाली गई है।

जानकारी के अनुसार, टैक्स अधिकारियों ने कुछ वित्तीय लेनदेन और कर संबंधी मामलों की जांच के बाद यह नोटिस जारी किया है। हालांकि कंपनी की ओर से कहा गया है कि वह नोटिस का अध्ययन कर रही है और नियमानुसार अपना जवाब देगी। स्पाइसजेट का दावा है कि उसके पास कानूनी और वित्तीय आधार मौजूद हैं तथा वह संबंधित अधिकारियों के समक्ष अपना पक्ष रखेगी।

स्पाइसजेट पिछले कुछ वर्षों से वित्तीय चुनौतियों का सामना कर रही है। एयरलाइन पर पहले भी विभिन्न प्रकार की देनदारियों, भुगतान विवादों और परिचालन संबंधी दबावों को लेकर सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में ₹125 करोड़ के नए टैक्स नोटिस को कंपनी के लिए एक और बड़ी चुनौती माना जा रहा है।

एविएशन सेक्टर के विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मामला लंबा खिंचता है तो इसका असर कंपनी की वित्तीय योजनाओं और कारोबारी रणनीतियों पर पड़ सकता है। हालांकि अंतिम स्थिति टैक्स विभाग की जांच और कंपनी के जवाब के बाद ही स्पष्ट होगी।

शेयर बाजार के निवेशक भी इस मामले पर नजर बनाए हुए हैं। किसी भी बड़े टैक्स विवाद का असर कंपनी की बाजार छवि और निवेशकों के भरोसे पर पड़ सकता है। वहीं कंपनी का कहना है कि वह अपने संचालन को सामान्य रूप से जारी रखे हुए है और यात्रियों की सेवाओं पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।

फिलहाल स्पाइसजेट और टैक्स विभाग के बीच यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। आने वाले दिनों में कंपनी की प्रतिक्रिया और विभाग की अगली कार्रवाई के बाद स्थिति और स्पष्ट होने की संभावना है।

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