पंजाब कांग्रेस में बदले सियासी संकेत, हाईकमान की सख्ती के बाद चन्नी ने राहुल गांधी के नेतृत्व पर जताया भरोसा

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चंडीगढ़, 09  जुलाई 2026 । पंजाब कांग्रेस में जारी अंदरूनी खींचतान के बीच पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के रुख में नरमी देखने को मिली है। कांग्रेस हाईकमान की सख्ती और संगठनात्मक संदेश के बाद चन्नी ने सार्वजनिक रूप से राहुल गांधी को अपना नेता बताते हुए पार्टी नेतृत्व के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।

कांग्रेस ने किया प्रदेश अध्यक्ष का ऐलान

बता दें कि कांग्रेस ने एक जुलाई को घोषणा की थी कि अमरिंदर सिंह राजा वडिंग पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष पद पर बने रहेंगे। वहीं, चन्नी को चुनाव अभियान समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। शीर्ष पद नहीं मिलने से चन्नी ‘नाराज’ थे और प्रदेश अध्यक्ष नहीं बनाये जाने के कारण उन्होंने बघेल के साथ मुलाकात नहीं की। बघेल सोमवार को पंजाब के पांच दिन के दौरे पर पहुंचे थे। हालांकि, अभी तक चन्नी ने बघेल के साथ बैठकें नहीं कीं। सोमवार को मोहाली में चन्नी की मौजूदगी में कई वरिष्ठ नेताओं ने बैठक की। यह बैठक उन घटनाक्रमों के कुछ दिन बाद हुई, जब कई मौजूदा एवं पूर्व विधायकों ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए उनके नाम पर दोबारा विचार किए जाने का समर्थन किया था।

हाल के दिनों में पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व, संगठन और गुटबाजी को लेकर लगातार चर्चाएं चल रही थीं। इसी बीच चन्नी के इस बयान को पार्टी में एकजुटता का संदेश देने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि वे कांग्रेस की विचारधारा और केंद्रीय नेतृत्व के साथ पूरी मजबूती से खड़े हैं।

कांग्रेस नेतृत्व आगामी चुनावों को देखते हुए पंजाब इकाई में किसी भी तरह के मतभेद को समाप्त कर संगठन को मजबूत करने में जुटा है। पार्टी के वरिष्ठ नेता लगातार प्रदेश के नेताओं के साथ बैठकें कर समन्वय स्थापित करने का प्रयास कर रहे हैं, ताकि चुनावी तैयारियों पर पूरा ध्यान केंद्रित किया जा सके।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चन्नी के इस बयान से पंजाब कांग्रेस में फिलहाल तनाव कम करने की कोशिशों को बल मिल सकता है। हालांकि, राज्य की राजनीति में आगे के घटनाक्रम पर सभी की नजर बनी हुई है।

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