रोहतक, 09 जुलाई 2026 । कृषि क्षेत्र में ड्रोन तकनीक को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने ड्रोन धारक किसानों के हित में बड़ा फैसला लिया है। नई व्यवस्था के तहत पात्र किसानों को कृषि ड्रोन पर पूरा मालिकाना हक दिया जाएगा। इसके साथ ही ड्रोन संचालन के लिए जमा कराई गई ₹1 लाख की सिक्योरिटी राशि भी वापस की जाएगी, जिससे किसानों को आर्थिक राहत मिलेगी।
प्रदेश में 3 साल पहले 78 किसानों को एक लाख रुपए सिक्योरिटी जमा कराने के लिए इफ्को कंपनी की तरफ से ड्रोन दिए गए थे। जिस पर वह तभी से दूसरे किसानों के खेतों में छिड़काव करके आमदनी कमा रहे हैं। अभी तक यह सभी 58 हजार एकड़ में छिड़काव कर चुके हैं। इससे वह दूसरे किसानों के लिए मददगार भी बन रहे हैं। इसके बाद ड्रोन लेने वालों की तरफ से जमा की गई एक लाख रुपए की धनराशि लौटाई जा रही है।
सरकार का उद्देश्य कृषि में आधुनिक तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देना, किसानों की लागत कम करना और फसल प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाना है। ड्रोन के माध्यम से कीटनाशक और उर्वरक का छिड़काव, फसल की निगरानी, सर्वेक्षण और कृषि कार्य अधिक तेज़ी और सटीकता से किए जा सकते हैं।
इस निर्णय से ड्रोन अपनाने वाले किसानों को वित्तीय लाभ मिलने के साथ-साथ वे अपनी कृषि गतिविधियों में ड्रोन का स्वतंत्र रूप से उपयोग कर सकेंगे। सरकार का मानना है कि इससे स्मार्ट फार्मिंग, प्रिसिजन एग्रीकल्चर और कृषि क्षेत्र में तकनीकी नवाचार को नई गति मिलेगी।
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि ड्रोन तकनीक से समय और संसाधनों की बचत होगी, उत्पादन क्षमता में सुधार आएगा और किसानों की आय बढ़ाने में भी मदद मिल सकती है। यह कदम कृषि के आधुनिकीकरण और डिजिटल खेती को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।