टांडा , 09 जुलाई 2026 । लगातार बारिश और पहाड़ी क्षेत्रों में बढ़ते जलप्रवाह के कारण ब्यास नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे नदी किनारे बसे गांवों और किसानों की चिंता बढ़ गई है। कई इलाकों में खेतों के जलमग्न होने और फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका के चलते किसानों ने सरकार से तत्काल राहत और सुरक्षा उपाय करने की मांग की है।
किसानों का कहना है कि प्रशासन ब्यास नदी और उसके आसपास के प्रभावित क्षेत्रों का जल्द निरीक्षण करे तथा क्षतिग्रस्त तटबंधों की तुरंत मरम्मत कराए, ताकि बाढ़ का पानी खेतों में न घुसे और उनकी फसलें सुरक्षित रह सकें। उन्होंने बताया कि पिछले साल आई बाढ़ के दौरान ब्यास नदी के दोनों किनारों पर बने कई बांध टूट गए थे, जिसके कारण सैकड़ों एकड़ कृषि भूमि पानी में डूब गई थी। इससे किसानों की फसलों को भारी नुकसान हुआ और उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
किसानों का कहना है कि यदि जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो धान, मक्का और अन्य खरीफ फसलों को भारी नुकसान हो सकता है। उन्होंने नदी किनारे तटबंधों को मजबूत करने, जल निकासी की बेहतर व्यवस्था करने और संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में समय रहते आवश्यक इंतजाम करने की मांग उठाई है।
प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और संबंधित विभागों को अलर्ट पर रखा गया है। अधिकारियों के अनुसार, नदी के जलस्तर की नियमित निगरानी की जा रही है तथा जरूरत पड़ने पर राहत एवं बचाव दलों को तुरंत तैनात किया जाएगा। लोगों से भी नदी किनारे अनावश्यक आवाजाही से बचने और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।
मौसम विभाग की ओर से अगले कुछ दिनों तक बारिश जारी रहने की संभावना जताई गई है। ऐसे में प्रशासन और किसान दोनों ही हालात पर करीबी नजर बनाए हुए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।