नई दिल्ली, 04 जून् 2026 । वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने बुधवार को पीएम मोदी से मुलाकात की। यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब भारत और वेनेजुएला के बीच ऊर्जा सहयोग तेजी से बढ़ा है। माना जा रहा है कि दोनों देशों के बीच तेल सप्लाई को लेकर बड़ा समझौता हो सकता है।
इससे पहले विदेश मंत्री जयशंकर ने भी डेल्सी रोड्रिगेज से मुलाकात की थी। उन्होंने कहा कि भारत-वेनेजुएला संबंधों को मजबूत करने में रोड्रिगेज की लंबे समय से महत्वपूर्ण भूमिका रही है और प्रधानमंत्री मोदी के साथ उनकी बातचीत दोनों देशों के सहयोग को और आगे बढ़ाएगी।

अमेरिका ने 4 जनवरी को तत्कालीन राष्ट्रपति निकोलस मादुरो का तख्तापलट कर दिया था। इसके बाद से रोड्रिगेज कार्यवाहक राष्ट्रपति हैं। रोड्रिगेज की भारत यात्रा ऐसे समय हो रही है, जब भारत ऊर्जा सुरक्षा से जुड़ी नई चुनौतियों का सामना कर रहा है। होर्मुज संकट की वजह से भारत वैकल्पिक आपूर्तिकर्ताओं की तलाश कर रहा है।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, डेल्सी रोड्रिगेज 3 से 7 जून तक भारत में रहेंगी और इस दौरान पीएम मोदी सहित कई वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात करेंगी। दोनों देशों के बीच ऊर्जा, व्यापार, निवेश, स्वास्थ्य, फार्मास्यूटिकल्स और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होने की संभावना है।

वेनेजुएला तीसरा सबसे बड़ा तेल सप्लायर बना
एनर्जी ट्रैक करने वाली एजेंसी केप्लर के डेटा के मुताबिक, मई 2026 में वेनेजुएला ने तेल सप्लाई के मामले में सऊदी अरब और अमेरिका को पीछे छोड़ दिया है। अभी केवल रूस और UAE ने ही उससे ज्यादा तेल सप्लाई किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस महीने भारत को वेनेजुएला से होने वाली तेल सप्लाई अप्रैल के मुकाबले करीब 50 फीसदी बढ़ गई है।
इस दौरे को केवल एक राजनयिक यात्रा नहीं, बल्कि वैश्विक ऊर्जा समीकरणों में हो रहे बदलावों के बीच भारत और वेनेजुएला के बीच रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले दिनों में दोनों देशों के बीच ऊर्जा सहयोग से जुड़े नए समझौतों और निवेश प्रस्तावों पर भी नजर रहेगी।