दिल्ली अग्निकांड के बाद यूपी सरकार सख्त, होटलों और बहुमंजिला इमारतों का होगा व्यापक फायर ऑडिट
लखनऊ, 05 जून् 2026 । दिल्ली में हुए भीषण अग्निकांड के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्यभर में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा करने का निर्णय लिया है। सरकार ने सभी होटलों, गेस्ट हाउसों, मॉल, व्यावसायिक परिसरों और बहुमंजिला इमारतों का विशेष फायर ऑडिट कराने के निर्देश दिए हैं। इस कदम का उद्देश्य संभावित जोखिमों की पहचान करना और किसी भी बड़ी दुर्घटना को रोकने के लिए सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित करना है।
उन्होंने सभी बहुमंजिला इमारतों, कार्यालयों, होटलों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में फायर सेफ्टी ऑडिट करवाने को कहा है। सीएम ने खासतौर पर होटलों की जांच कर इनकी ऑडिट रिपोर्ट पेश करने को कहा है। इसके साथ ही इनके फायर सेफ्टी सिस्टम में जरूरत के हिसाब से सुधार करवाने के भी निर्देश दिए हैं।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, फायर ऑडिट के दौरान भवनों में स्थापित अग्निशमन उपकरणों, आपातकालीन निकास मार्गों, फायर अलार्म सिस्टम, पानी की उपलब्धता और सुरक्षा प्रोटोकॉल की विस्तृत जांच की जाएगी। जिन संस्थानों में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं पाया जाएगा, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। सरकार का मानना है कि नियमित निरीक्षण और निगरानी से आग जैसी घटनाओं के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
विशेष रूप से बड़े शहरों में तेजी से बढ़ते शहरीकरण और ऊंची इमारतों की संख्या को देखते हुए यह अभियान महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि कई भवनों में फायर सेफ्टी उपकरण तो लगे होते हैं, लेकिन उनकी समय-समय पर जांच और रखरखाव नहीं होने के कारण आपात स्थिति में वे प्रभावी साबित नहीं हो पाते। इसलिए केवल उपकरण लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका नियमित परीक्षण भी जरूरी है।
सरकार ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि फायर ऑडिट की प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरी की जाए। साथ ही भवन मालिकों और संस्थान संचालकों को सुरक्षा मानकों के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष अभियान भी चलाए जाएंगे। प्रशासन का कहना है कि नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा।
अग्निशमन विभाग के अधिकारियों का मानना है कि आग लगने की घटनाओं में अक्सर विद्युत शॉर्ट सर्किट, सुरक्षा मानकों की अनदेखी और आपातकालीन निकासी व्यवस्था की कमी प्रमुख कारण बनते हैं। ऐसे में फायर ऑडिट से इन कमियों की पहचान कर समय रहते सुधार किया जा सकेगा।
दिल्ली की घटना के बाद उत्तर प्रदेश सरकार की यह पहल राज्य में सार्वजनिक सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। आने वाले समय में फायर ऑडिट की रिपोर्ट के आधार पर कई संस्थानों को सुरक्षा व्यवस्था में सुधार करने के निर्देश दिए जा सकते हैं, जिससे नागरिकों और आगंतुकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।