इस्लामाबाद , 26 मई 2026 । पाकिस्तान ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि वह इजराइल को मान्यता नहीं देगा। पाकिस्तान की ओर से यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और कुछ पश्चिमी देश मुस्लिम देशों पर इजराइल के साथ संबंध सामान्य करने का दबाव बना रहे हैं। हालिया कूटनीतिक चर्चाओं के बीच पाकिस्तान ने दोहराया कि फिलिस्तीन मुद्दे का “न्यायपूर्ण समाधान” हुए बिना इजराइल को मान्यता देने का कोई सवाल नहीं उठता।
पाकिस्तान ने इजराइल से दोस्ती करने और उसे देश की मान्यता देने से इनकार कर दिया है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि पाकिस्तान अपनी मौलिक विचारधाराओं से समझौता नहीं कर सकता। दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने मुस्लिम देशों से इजराइल से रिश्ते सुधारने और अब्राहम समझौते में शामिल होने की अपील की थी। पाकिस्तान से भी कहा गया था कि अगर वह अमेरिका-ईरान शांति प्रक्रिया का हिस्सा बनना चाहता है, तो उसे इजराइल को मान्यता देनी होगी।
पाकिस्तान का कहना है कि उसकी नीति फिलिस्तीनी लोगों के अधिकारों और दो-राष्ट्र समाधान पर आधारित है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय और शीर्ष नेताओं ने पहले भी कई बार कहा है कि जब तक फिलिस्तीनियों को उनका स्वतंत्र राज्य नहीं मिलता, तब तक इजराइल को मान्यता नहीं दी जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव, गाजा संघर्ष और ईरान-इजराइल विवाद के बीच पाकिस्तान अपने पारंपरिक रुख से पीछे हटने के मूड में नहीं दिख रहा। पाकिस्तान लंबे समय से फिलिस्तीन के समर्थन में अंतरराष्ट्रीय मंचों पर आवाज उठाता रहा है।
हालिया बयान के बाद एक बार फिर पश्चिम एशिया की राजनीति और मुस्लिम देशों के बीच कूटनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चा तेज हो गई है।