नई दिल्ली, 18 अगस्त 2026 । भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को कारोबार की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई। सेंसेक्स 300 अंक से ज्यादा गिर गया, जबकि निफ्टी भी 24,300 के स्तर से नीचे फिसल गया। बाजार में इस गिरावट के पीछे बढ़ती भू-राजनीतिक चिंताओं और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी को प्रमुख वजह माना जा रहा है।
मंगलवार, 18 अगस्त 2026 को शुरुआती कारोबार में निवेशकों का सेंटीमेंट कमजोर नजर आया। ब्रेंट क्रूड की कीमत 91 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंचने के बाद भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए महंगाई और चालू खाते पर दबाव बढ़ने की आशंका ने बाजार पर असर डाला।
अमेरिका-ईरान तनाव और युद्धविराम को लेकर अनिश्चितता ने भी निवेशकों की चिंता बढ़ाई है। पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने की आशंका के चलते कच्चे तेल की सप्लाई को लेकर जोखिम बढ़ा है, जिसका असर वैश्विक बाजारों के साथ भारतीय शेयर बाजार पर भी दिखाई दे रहा है।
बाजार में IT शेयरों पर खास दबाव देखा गया। उपलब्ध बाजार आंकड़ों के अनुसार, शुरुआती कारोबार में IT सेक्टर में करीब 1.4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। विदेशी निवेशकों की बिकवाली भी बाजार के लिए दबाव का कारण बनी हुई है।
सेंसेक्स और निफ्टी में लगातार कमजोरी के बीच निवेशक अब कच्चे तेल की कीमतों, वैश्विक संकेतों और पश्चिम एशिया की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। बाजार विशेषज्ञों के लिए आने वाले सत्रों में तेल की कीमतों और भू-राजनीतिक घटनाक्रम की दिशा महत्वपूर्ण रहेगी।
हालांकि, शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच कुछ चुनिंदा शेयरों में खरीदारी भी देखने को मिल रही है। इसलिए व्यापक बाजार में गिरावट के बावजूद स्टॉक-विशिष्ट गतिविधियां जारी हैं।